गाजियाबाद में 28.34 लाख की साइबर सेंध, कहीं फर्जी बैंक मैनेजर तो कहीं प्री-पेड टास्क से 3 लोग बने ठगी के शिकार
गाजियाबाद में साइबर ठगों ने तीन लोगों को निशाना बनाकर 28.34 लाख रुपये की ठगी की। पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज करवाया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
साइबर ठगों ने गाजियाबाद में तीन लोगों को निशाना बनाया।
कुल 28.34 लाख रुपये की धोखाधड़ी विभिन्न तरीकों से हुई।
गैस बिल, बैंक मैनेजर, प्री-पेड टास्क बहाने ठगी।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साइबर ठगी का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है. ठगों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर 28.34 लाख रुपये ठग लिए।
साइबर क्राइम थाने में तीनों मामलों में पीड़ितों ने केस दर्ज कराकर कार्रवाई की है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी छोटी गलती उनके लिए महंगी साबित हुई।
ठगों ने ऐसे बनाया शिकार
केस 1
एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने गैस बिल अपडेट करने के लिए एक एपीके फाइल डाउनलोड किया, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हुआ है।
केस 2
दूसरा मामला शास्त्रीनगर का बताया जा रहा है। जिसमें ठग ने बैंक प्रबंधक बनकर पीड़ित को अपने झांसे में लिया और फिर उसके खाते से फैसे निकाल लिए.
केस 3
वहीं तीसरा मामला टेलीग्राम के जरिए प्री-पेड टास्क से जुड़ा है. इस तरह के मामलों ठग ज्यादातर युवाओं को निशाना बना रहे हैं.
APK फाइल बनी ठगी की वजह
पहला मामले में राजेंद्र नगर निवासी तेज नारायण शुक्ला ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि 28 सितंबर को फेसबुक पर गैस बिल अपडेट से संबंधित एक एपीके फाइल मोबाइल में डाउनलोड हो गई। इसके बाद उनके पंजाब नेशनल बैंक के खाते से 29 सितंबर को तीन लाख, ढाई लाख और साढ़े चार लाख रुपये, यानी कुल 10 लाख रुपये की ठगी हो गई।
बैंक मैनजेर बनकर की ठगी
दूसरा मामला शास्त्री नगर का है। जिसमें जय कुमार राठी से ठगों ने बैंक मैनेजर बनकर संपर्क किया। पीड़ित ने 29 सितंबर को पोस्ट आफिस गाजियाबाद में नौ लाख रुपये की एफडी के लिए चेक दिया था।
इसके बाद फोन करने वाले ने खुद को बैंक मैनेजर बताया और चेक की फोटो वाट्सएप पर मंगवा ली। फिर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराने के नाम पर उनसे कई लेनदेन कराए गए। पीड़ित के मुताबिक कुल 11.97 लाख रुपये की ठगी हुई।
प्री-पेड टास्क के नाम पर ठगी
तीसरे मामले में विजय नगर के प्रताप विहार निवासी अभिषेक गुप्ता को वाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए प्री-पेड टास्क का झांसा दिया गया। ठगों ने अलग-अलग टास्क पूरा करने पर मुनाफा देने की बात कही और उनसे विभिन्न बैंक खातों व यूपीआइ आइडी में रकम जमा कराई।
14 से 16 सितंबर के बीच अलग-अलग लेनदेन के जरिए उनसे कुल 6.35 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। बाद में रकम निकालने के लिए लगातार और पैसे जमा कराने को कहा गया, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
पीड़ितों की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच कराई जा रही है। आरोपितों का पता लगाकर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
अमित सक्सेना, एसीपी क्राइम
