विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'मालखाना में नहीं, अपने घर में जन्मदिन मनाएंगे लड्डू गोपाल'; जन्माष्टमी से एक पहले गाजियाबाद कोर्ट का फैसला

Published: Thu, 03 Sep 2026 10:51 PM (IST)

गाजियाबाद अदालत ने चोरी हुई लड्डू गोपाल और राधा रानी की मूर्तियों को जन्माष्टमी से पहले मालखाने में रखने के बजाय मंदिर के पुजारी को सौंपने का आदेश दिया।

चोरी के बाद पुजारी को लौटाई गईं मूर्तियां। फोटो: जागरण

चोरी के बाद पुजारी को लौटाई गईं मूर्तियां। फोटो: जागरण

HighLights

  1. अदालत ने चोरी हुई मूर्तियां मालखाने में न रखने का आदेश दिया

  2. जन्माष्टमी से पहले लड्डू गोपाल और राधा रानी मंदिर लौटे

  3. पुजारी को 50 हजार के निजी बंधपत्र पर मूर्तियां सौंपी गईं

हसीन शाह, गाजियाबाद। मंदिर से चोरी किए गए कान्हा की मूर्ति को बरामद कर पुलिस ने जन्माष्टमी से एक दिन पहले अदालत में पेश किया। चोर को भी अदालत के कठघरे में खड़ा किया गया।

आमतौर पर बरामद सामान को मालखाना में रखा जाता है लेकिन जिस कान्हा का जन्मदिन मनाने के लिए अदालत का भी अवकाश था, वह कान्हा न्यायाधीश के सामने बरामदगी के रूप में थे।

अदालत में अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि शुक्रवार को कान्हा का जन्मदिन हैं। कान्हा विधिक व्यक्ति हैं। अपने जन्मदिन पर वह मालखाने में कैसे रह सकते हैं।

अदालत ने दलीलों पर गौर करते हुए जन्माष्टमी से ठीक एक दिन पहले ऐसा फैसला सुनाया कि कान्हा मालखाने में नहीं, बल्कि अपने मंदिर में जन्माष्टमी मनाएंगे। अदालत ने चोरी में बरामद लड्डू गोपाल और राधा रानी की मूर्तियों समेत पूजा का सामान मंदिर के पुजारी को सौंपने का आदेश दिया है।

janmashtmi

2 सितंबर की रात कान्हा मंदिर से हुए थे चोरी

क्राॅसिंग रिपब्लिक क्षेत्र से दो सितंबर की रात मंदिर से चोरी हुए लड्डू गोपाल व राधा रानी की मूर्ति, हनुमान की गदा समेत अन्य सामान को बरामद करने के बाद गुरुवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत में इस मामले की कहानी कुछ अलग थी।

वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश यादव ने अदालत के सामने कहा कि मंदिर में विराजमान भगवान की मूर्ति को केवल कोई सामान मानकर लंबे समय तक मालखाने में नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि मूर्तियों को मंदिर के पुजारी को सौंप दिया जाए।

जब भी मुकदमे की जांच में जरूरत होगी, उन्हें अदालत के सामने पेश कर दिया जाएगा। अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि चार सितंबर को जन्माष्टमी है यानी कान्हा का जन्मदिन।

मंदिर में इसको लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और लड्डू गोपाल की पूजा के बिना जन्माष्टमी का आयोजन पूरा नहीं हो सकता। पुजारी की ओर से यह भरोसा भी दिया गया कि जरूरत पड़ने पर मूर्तियां पुलिस या अदालत के सामने पेश कर दी जाएंगी। इसके लिए 50 हजार रुपये का निजी बंधपत्र और इतनी ही रकम का एक जमानती भी दाखिल किया गया।

जन्माष्टमी से पहले पुलिस ने पकड़ा चोर

जन्माष्टमी से ठीक पहले मंदिर से कान्हा सहित अन्य मूर्ति चोरी हुई। पुलिस के लिए जन्माष्टमी से पहले चोरी का पर्दाफाश करना चुनौती था। इसके लिए पुलिस ने टीम गठित कर बड़ी संख्या सीसीटीवी कैमरे खंगाले।

अखिरकार पुलिस जन्माष्टमी से पहले चोर को पकड़ने में सफल हो गई। बरामद मूर्तियों को पुलिस ने आम चोरी के सामान की तरह खुले में पेश नहीं किया। उन्हें सम्मान के साथ डिब्बे में रखकर अदालत में पेश किया गया।

अदालत ने भी मामले की जरूरत और मूर्तियों के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्हें पुजारी की सुपुर्दगी में देने का आदेश दिया। आदेश में साफ कहा गया कि अगर आगे जांच के दौरान इनकी जरूरत पड़ती है तो पुजारी इन्हें विवेचक के सामने पेश करेंगे। यानी मुकदमे की जांच भी अपने रास्ते पर चलेगी और मंदिर में पूजा भी जारी रहेगी।

janmashtmi ghaziabad news 1

कान्हा के साथ लौटेगा मंदिर का साजो-सामान

पुजारी को केवल लड्डू गोपाल और राधा रानी की मूर्तियां ही नहीं, बल्कि पूजा में इस्तेमाल होने वाला दूसरा सामान भी वापस दिया गया। इसमें हनुमान की पीतल की गदा, चरण पादुका, तीन पीतल की लुटिया, आरती की थाली, छह पीतल के दीपक, पांच ज्योत वाला एक दीपक, झूला और पीतल की घंटी समेत अन्य सामान शामिल है।

इस तरह जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में फिर वही रौनक लौटेगी। जिस कान्हा की तलाश चोरी के बाद पुलिस कर रही थी, वही कान्हा अब अपने मंदिर में भक्तों के बीच जन्मदिन मनाएंगे।

यह भी पढ़ें- कान्हा की मूर्ति चुराते ही घायल हुआ दानिश, अस्पताल गया तो AI ने खोल दिया राज