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45 लाख लोगों की सांसों पर खतरा, जानिए क्यों इस साल सिर्फ 4 दिन ही नसीब हो सकी साफ हवा

Published: Fri, 25 Sep 2026 08:13 PM (IST)Updated: Fri, 25 Sep 2026 08:17 PM (IST)

गाजियाबाद में प्रदूषण नियंत्रण के दावों के बावजूद, इस साल साढ़े आठ महीने में सिर्फ चार दिन ही साफ हवा ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. इस साल साढ़े आठ माह में सिर्फ चार दिन साफ हवा मिली।

  2. पिछले छह वर्षों में शहरवासियों को केवल 66 दिन स्वच्छ हवा नसीब।

  3. प्रदूषण नियंत्रण के लिए 20 से अधिक विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्रदूषण रोकथाम के लिए अधिकारी साल दर साल दावे करते रहते हैं, फिर भी 45 लाख शहरवासियों की सांसों पर प्रदूषण का प्रहार नहीं रुक रहा है। इस वर्ष भी अभी तक करीब साढ़े आठ माह में महज चार दिन ही साफ हवा मिल सकी। बाकी दिन संतोषजनक, मध्यम, खराब, बेहद खराब व गंभीर श्रेणी में रहना पड़ा।

हर वर्ष ज्यादातर दिन यही स्थिति रही। वर्ष 2025 में भी महज छह दिन ही साफ हवा मिल सकी थी। बीते करीब छह वर्ष की बात करें तो 66 दिन ही लोग साफ हवा में सांस ले सके। अधिकारी हर बार केवल कागजी योजनाएं तैयार करते रहे और लोगों की उम्मीद पर पानी फेरते रहे। पेश है साहिबाबाद से राहुल कुमार की रिपोर्ट...

वर्ष 2026 में कितने दिन किस श्रेणी में रही हवा

  • श्रेणी           दिन
  • अच्छी          04
  • संतोषजनक    49
  • मध्यम         103
  • खराब          80
  • बेहद खराब    29
  • गंभीर          02

इस वर्ष कब-कब मिली साफ हवा :

  • दिनांक           एक्यूआइ
  • आठ जुलाई         49
  • नौ जुलाई            50
  • 22 जुलाई           45
  • छह सितंबर          48


बीते छह वर्ष में कितने दिन साफ व गंभीर श्रेणी में रही हवा

वर्ष     साफ  गंभीर
2020 -13 -24
2021 -10 -22
2022 -12 -02
2023 -10 -03
2024 -15 -03
2025 -06 -14


बीते छह साल में अधिकतम प्रदूषण की स्थिति

वर्ष       एक्यूआइ
2020    484
2021    485
2022    487
2023    478
2024    467
2025    459

छह वर्ष में सील की गईं अवैध फैक्ट्रियां

वर्ष       सील फैक्ट्री
2020      180
2021     353
2022     380
2023     308
2024     294
2025     307
2026     372

एक्यूआइ के आधार पर हवा की श्रेणी

श्रेणी             एक्यूआइ
अच्छी            0 से 50
संतोषजनक     51 से 100
मध्यम          101 से 200
खराब          201 से 300
बेहद खराब    301 से 400
गंभीर           401 से ऊपर

इन बिंदुओं पर कार्य करने की जरूरत

  • टूटी सड़कों की मरम्मत होने से मिलेगी बड़ी राहत।
  • अधिक धूल वाले इलाकों में पानी का छिड़काव हो।
  • शहर में जाम की समस्या को दूर किया जाए।
  • उम्र पूरी कर चुके वाहनों को सील किया जाए।
  • अधिक प्रदूषण वाले इलाकों में प्रदूषण के कारकों पर रोक लगे।
  • अवैध फैक्ट्रियां सील हों, नई अवैध फैक्टरी न खुलें।
  • सभी फैक्ट्रियों में नियम के अनुसार चिमनी लगें।
  • लोनी जैसे अधिक प्रदूषित इलाके में ई-वेस्ट जलाने पर रोक लगे।

प्रदूषण रोकथाम की जिम्मेदारी 20 से अधिक विभागों को मिली हुई है। प्रदूषण बोर्ड निगरानी व कार्रवाई का कार्य करता है। इस वर्ष और बेहतर तरीके से कार्य किया जाएगा।
-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।