गाजियाबाद में सस्ता खाना: श्रमिकों को 5-10 रुपये में मिलेगी थाली, 3 लेबर अड्डों पर बनेंगे सुविधा केंद्र
गाजियाबाद में श्रमिकों को 5-10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी है, जिसके लिए तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर तीन लेबर अड्डों पर सुविधा केंद्र बनेंगे।

गाजियाबाद में श्रमिकों को मिलेगी सस्ती थाली, अम्मा कैंटीन मॉडल पर सुविधा केंद्र।
HighLights
श्रमिकों को 5-10 रुपये में मिलेगा पौष्टिक भोजन।
तीन लेबर अड्डों पर बनेंगे आधुनिक सुविधा केंद्र।
अम्मा कैंटीन की तर्ज पर मिलेगी अन्य सुविधाएं।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। शहर के लेबर अड्डों पर रोजाना काम की तलाश में पहुंचने वाले श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर गाजियाबाद में भी श्रमिकों को पांच से दस रुपये में भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने श्रमिक सुविधा केंद्र बनाने के लिए गाजियाबाद में तीन लेबर अड्डे शामिल किए हैं।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को ध्यान में रखते हुए यह पहल की है। श्रम विभाग के अनुरोध पर नगर निगम द्वारा बोंझा, अर्थला और राजेंद्र नगर तीन स्थानों पर स्थायी श्रमिक सुविधा केंद्रों के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। सभी तीन स्थानों पर 160 स्क्वायर मीटर जगह तय की है।
सुविधा केंद्रों में श्रमिकों के लिए भोजन के साथ बैठने, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था होगी। साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और श्रमिकों को उनका लाभ दिलाने के लिए सहायता काउंटर बनाया जाएगा। योजना के तहत श्रमिकों को भोजन, स्वच्छ पानी, शौचालय, बैठने की जगह और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
सिर्फ भोजन नहीं, योजनाओं से भी जोड़ेंगे
श्रमिक सुविधा केंद्रों को केवल सस्ती थाली उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां श्रमिकों को श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, पंजीकरण और आवेदन संबंधी जानकारी देने की व्यवस्था होगी। कौशल प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। एक छत के नीचे असंगठित और निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएंगे।
गाजियाबाद में क्यों अहम है योजना
यहां बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक रोजाना विभिन्न लेबर अड्डों पर काम की तलाश में पहुंचते हैं। औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और शहर में लगातार चल रहे भवन निर्माण के कारण श्रमिकों की संख्या भी बड़ी है। ऐसे में सस्ती भोजन व्यवस्था से उन्हें रोजाना के खाने पर होने वाले खर्च में राहत मिलेगी। यह व्यवस्था उन श्रमिकों के लिए खास है, जो परिवार से दूर रहकर यहां काम कर रहे हैं। श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद में वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 3,43,416 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है।
तमिलनाडु के मॉडल पर हो रही पहल
तमिलनाडु में अम्मा कैंटीन के माध्यम से श्रमिकों और जरूरतमंदों को कम कीमत पर भोजन मुहैया कराया जाता है। इसी माडल परउत्तर प्रदेश में कम कीमत में भोजन की थाली उपलब्ध कराने की तैयारी है। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने अम्मा कैंटीन की शुरुआत की थी। गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने वाली ऐसी व्यवस्थाएं संचालित हैं।
श्रम विभाग ने लेबर अड्डों के लिए जगह चिह्नित कर ली है। जल्द ही लेबर केंद्रों के बाद शासन के आदेश पर इसके निर्माण आरंभ किया जाएगा। श्रमिकों को सुविधा केंद्रों में सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलेगा। वेटिंग रूम, पब्लिक सुविधा सेंटर, टायलेट, स्वच्छ पीने का पानी और सस्ते दामों पर बेहतर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। - दिव्य प्रताप सिंह, उप श्रमायुक्त गाजियाबाद परिक्षेत्र
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