विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नकली सोना देकर फेडरल बैंक से ले लिया 1.46 करोड़ का गोल्ड लोन, गाजियाबाद में वैल्यूअर समेत 18 पर FIR

Published: Tue, 22 Sep 2026 10:37 AM (IST)

फेडरल बैंक की राजनगर शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर करीब 1.46 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन लेने का बड़ा ...और पढ़ें

गाजियाबाद में बड़ा गोल्ड लोन फ्रॉड। फोटो: सांकेतिक

गाजियाबाद में बड़ा गोल्ड लोन फ्रॉड। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. फेडरल बैंक की राजनगर शाखा में 1.46 करोड़ का फर्जीवाड़ा

  2. नकली सोना गिरवी रखकर 20 खातों से लिया गया गोल्ड लोन

  3. 18 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज, रुबिक फिनटेक और वैल्यूअर भी शामिल

विनीत कुमार, गाजियाबाद। फेडरल बैंक की राजनगर शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर करीब 1.46 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन लेने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक की जांच में 20 लोन खातों में गिरवी रखे आभूषण नकली पाए गए।

इनमें 17 खाते ऐसे हैं, जिनका रुबिक फिनटेक के माध्यम से रेफर किया गया था। सभी मामलों में वैल्यूअर भी एक ही है। छह लोगों ने तो दो-दो खातों से गोल्ड लोन लिया। मामले में बैंक की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर कविनगर थाने में 18 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

20 खातों में नकली आभूषण मिले

बैंक की वरिष्ठ प्रबंधक शाजिया बानो ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि मामले की शुरुआत 10 जून को हुई। दिल्ली गेट निवासी दीपांशु बंसल एक अज्ञात व्यक्ति के साथ सोने के आभूषण गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने फेडरल बैंक की राजनगर शाखा पहुंचा था।

उसके साथ रुबिक फिनटेक का अधिकारी हर्ष भी था। आभूषणों को फोबोस गोल्ड के पैनल में शामिल मूल्यांकनकर्ता दीपक ढल्ला ने असली प्रमाणित किया था। हालांकि बैंक अधिकारियों ने संदेह होने पर आभूषणों की दोबारा जांच की तो वे नकली निकले।

बैंक कर्मचारियों ने दोनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे निकल गए। बैंक के पास घटना की सीसीटीवी फुटेज भी होने की बात कही गई है। इसके बाद बैंक ने अन्य गोल्ड लोन खातों की जांच की।

जांच में पता चला कि दीपांशु बंसल के परिवार के एक सदस्य ने भी पहले इसी शाखा से गोल्ड लोन लिया था। इसके बाद संबंधित खातों की पड़ताल शुरू हुई। बैंक अधिकारियों और दूसरे स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता की जांच में कई खातों में गिरवी रखा सोना नकली मिला।

रुबिक फिनटेक के खाते संदेह में

बैंक ने आरोप लगाया है कि रुबिक फिनटेक के अधिकारी हर्ष और अनुराग सिंह ने बड़ी संख्या में संदिग्ध खाते सोर्स या रेफर किए थे। वहीं फोबोस गोल्ड के मूल्यांकनकर्ता दीपक ढल्ला की भूमिका पर भी बैंक ने संदेह जताया है, क्योंकि उनके स्तर से आभूषणों को असली प्रमाणित किया गया था।

मामले में दीपांशु बंसल, मयूर बंसल, शहजाद खान, सिद्धार्थ पांडेय, अलीबिन हुसैन, विकास, कविता, वसीम अब्बास, अश्वनी, मुकुल कुमार, साहिल सिंह, अंकुर राजपूत, धर्मवीर राम, मौसिम खान, कैफ नौमान, हर्ष, दीपक ढल्ला और अनुराग सिंह पर केस दर्ज किया गया है।

छह लोगों ने दो-दो लोन लिए

लोन खातों की सूची में मयूर बंसल, शहजाद खान, और सिद्धार्थ पांडेय, कैफ नौमान, अश्वनी और वसीम अब्बास के नाम दो-दो बार सामने आए हैं। साहिल सिंह के खाते के सामने उसका पता मौसिम खान का पता है। बैंक की शिकायत में 20 खातों में 1.46 करोड़ रुपये का लोन देना बताया गया है।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में बुजुर्ग को 21 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, पुलिस-CBI अफसर बन ठग लिए 81.37 लाख