जागरण संवाददाता, साहिबाबाद :

इंदिरापुरम के नीति खंड-एक में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की टीम शुक्रवार दोपहर अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची। इस दौरान दर्जनों बिल्डर एकत्र हो गए और जीडीए के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने लाठी फटकारकर बिल्डरों को पीछे किया। भारी पुलिसबल तैनात कर जीडीए ने निर्माणाधीन इमारत की चौथी मंजिल की छत को तोड़ा। विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि पहले सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने रिश्वत लेकर निर्माण करवाया। अब निर्माण तोड़ दिया।

नीति खंड-एक प्लाट संख्या 554 पर भवन का निर्माण हो रहा है। शुक्रवार दोपहर जीडीए की प्रवर्तन टीम इस अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए भारी पुलिसबल के साथ पहुंची। निर्माण तोड़ने के विरोध में ट्रांस हिडन बिल्डर एसोसिएशन के पदाधिकारी व अन्य बिल्डर एकत्र हो गए। बिल्डरों ने जीडीए के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। मौके पर तैनात पुलिस ने निर्माणाधीन मकान के पास से बिल्डरों को लाठी फटकारकर पीछे किया। बिल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि जीडीए को पहले ही निर्माण नहीं होने देना था। पहले तो सहायक और अवर अभियंता ने निर्माण के बदले रिश्वत ली। निर्माण होने के बाद तोड़ने से बिल्डरों को नुकसान हुआ है। कोरोना संकट में बिल्डर पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण :

इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी और राजेंद्र नगर में कई स्थानों पर अवैध निर्माण हो रहा है। जीडीए अधिकारियों को इसकी जानकारी भी है लेकिन कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं की मिलीभगत से बिल्डर अवैध निर्माण कर शहर का नक्शा खराब कर रहे हैं। रिश्वत न देने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। दो दिन पूर्व नीति खंड में हो रहे अवैध निर्माण को रोकने को कहा गया था। इसके बावजूद भी बिल्डर ने निर्माण कराया। शुक्रवार को टीम कार्रवाई करने पहुंची तो बिल्डर ने हंगामा करना शुरू कर दिया। बिल्डर ने कहा है कि वह अतिरिक्त निर्माण खुद तोड़ेंगे। कोई अधिकारी लिप्त पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।

- सुशील चौबे, प्रवर्तन प्रभारी

Edited By: Jagran