जागरण संवाददाता, गाजियाबाद :

मुरादनगर में विकास की बयार बहने और लोनी में बड़ा अस्पताल बनने का रास्ता साफ हो गया है। बृहस्पतिवार को जीडीए सभागार में मेरठ मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बोर्ड बैठक में रखे गए सभी 18 प्रस्ताव पास हुए।

मेरठ मंडलायुक्त व जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मुरादनगर में रैपिड रेल प्रोजेक्ट के गुलधर व दुहाई स्टेशन के आसपास 650 हेक्टेयर क्षेत्र को विशेष विकास क्षेत्र (एसडीए) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत यहां की जमीनों का भू-उपयोग बदलकर आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक किया जाएगा। गुलधर स्टेशन के आसपास मोरटा व भोवापुर की 250 हेक्टेयर जमीन और दुहाई स्टेशन के आसपास दुहाई, भिक्कनपुर व शाहपुर गांव की 400 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक कर योजनाएं लाई जाएंगी। विशेष विकास क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाने वाला उपरोक्त क्षेत्र राजनगर एक्सटेंशन से सटा हुआ है। रैपिड रेल प्रोजेक्ट के तहत गाजियाबाद जिले की सीमा के अंतर्गत बनने वाले साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर व मोदीनगर दक्षिण व मोदीनगर उत्तरी स्टेशन के आसपास के डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को प्रभावित क्षेत्र घोषित कर मिश्रित भू-उपयोग मान्य किया गया। इससे उक्त क्षेत्र का विकास होने के साथ आम जन के रोजगार के साधन बढ़ेंगे और जीडीए की आय में इजाफा होगा।

बोर्ड बैठक में डीएम राकेश कुमार सिंह, जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश, नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर, जीडीए सचिव बृजेश कुमार, अपर सचिव सीपी त्रिपाठी, ओएसडी सुशील चौबे, संजय कुमार, मुख्य नगर नियोजक आशीष शिवपुरी, प्रभारी मुख्य अभियंता एसके सिन्हा, जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल, हिमांशु मित्तल, सचिन डागर मौजूद रहे।

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- लोनी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी बेहतर - लोनी में कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को उपचार कराने के लिए गाजियाबाद या दिल्ली के अस्पतालों में जाना पड़ता है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश ने बताया कि लोगों की सहूलियत के लिए लोनी स्थित कोयल एन्क्लेव योजना में 8565 वर्गमीटर के भूखंड का भू-उपयोग शैक्षिक से अस्पताल में बदलने का निर्णय लिया गया। अब यहां बड़ा निजी अस्पताल बन सकेगा, जिससे क्षेत्र के लाखों लोगों को फायदा होगा। वहीं कोयल एन्क्लेव योजना में 5994 वर्गमीटर के भूखंड का भू-उपयोग ग्रुप हाउसिग से व्यावसायिक करने का निर्णय लिया गया।

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- मधुबन-बापूधाम के आवंटियों को देनी होगी बढ़ी दर - मधुबन-बापूधाम योजना के हजारों पुराने आवंटियों को बढ़ी दर से बकाया जमा करना होगा। मेरठ मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मधुबन-बापूधाम योजना के प्रभावित किसानों को 281 एकड़ जमीन के एवज में नए भू-अधिग्रहण कानून के हिसाब से जीडीए को बढ़ा हुआ मुआवजा देना पड़ा था। इससे जीडीए पर 1200 करोड़ रुपये अतिरिक्त भार पड़ा। योजना की शर्तों में यह दर्ज है कि बढ़ा हुआ मुआवजा आवंटियों को वहन करना होगा। पुराने आवंटियों को बहुत सस्ती दर पर भूखंड़ों का आवंटन हुआ था। वर्तमान में जीडीए यहां 30 हजार रुपये वर्गमीटर की दर पर भूखंड बेच रहा है जबकि पुराने आवंटी बढ़ी हुई दर से पैसा जमा करते हैं तब भी करीब 16 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर बैठती है, जो आवंटी बकाया जमा नहीं करना चाहते वह जीडीए से ब्याज समेत रिफंड ले सकते हैं। बढ़ी दर बढ़ाने के विरोध में बृहस्पतिवार दोपहर आवंटियों ने जीडीए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था।

Edited By: Jagran