जासं, गाजियाबाद : एडीजे-6 की अदालत में शुक्रवार को फ्रंटियर मेल ट्रेन में बम हुए धम धमाकों का आरोपित अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। दिल्ली पुलिस के एसीपी राजेंद्र भाटिया के पेश नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष की अधिवक्ता धर्मशीला ने बताया कि अदालत में गवाह के ना आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। गवाह राजेंद्र भाटिया की गणतंत्र दिवस में ड्यूटी लगने के कारण वह नहीं आ सके। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 जनवरी की तारीख लगाई है।

कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1997 में दिल्ली से गाजियाबाद आ रही फ्रंटियर मेल ट्रेन में बम विस्फोट हुए थे। जिसमें एक सिपाही समेत कई लोग घायल हो गए थे। जीआरपी ने मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच की। जांच में पता चला कि बम विस्फोट की घटना को पिलखुवा निवासी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा ने अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। मगर टूंडा को गिरफ्तार नहीं कर सकी। करीब चार साल पहले दिल्ली पुलिस ने टुंडा को भारत नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। केस की सुनवाई तभी से गाजियाबाद स्थित कोर्ट में चल रही है।

Posted By: Jagran

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