जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : सीआइएसएफ का जवान बताते हुए सेकेंड हैंड कार बेचने के नाम पर युवक से 89 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोपित ने फर्जी आइकार्ड आदि भेजकर पीड़ित को चंगुल में फंसाया और फिर कार भेजने के नाम पर कई बार में 89 हजार रुपये पेटीएम में मंगा लिए। जांच के नाम पर पुलिस चार माह तक पीड़ित को टरकाती रही। विजयनगर एसएचओ श्यामवीर सिंह का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है। नंबर के आधार पर लोकेशन ट्रेस कर आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।

प्रताप विहार सेक्टर-12 स्थित एल ब्लॉक में रहने वाले अथर खान बीपीओ में जॉब करते हैं। अप्रैल में अथर ने सेकेंड हैंड खरीदने के लिए खोजबीन शुरू की। फेसबुक पर उन्हें स्विफ्ट डिजायर कार का एक एड दिखा। दिए गए नंबर पर कॉल की तो एड डालने वाले खुद सीआइएसएफ का जवान बताया। कहा कि वह आइजीआइ एयरपोर्ट पर तैनात है और ट्रांसफर होने की वजह से कार बेच रहा है। 2013 मॉडल की कार का सौदा दो लाख रुपये में तय हुआ। 19 अप्रैल को कार भेजने के लिए उसने एयरपोर्ट की फीस 2500 रुपये बताई। अथर ने इन्कार किया तो आरोपित बोला, कि फौजी पर विश्वास नहीं है। क्रेडिट कार्ड से रुपये जुड़वाए

अथर ने कहा कि उनके पेटीएम में रुपये नहीं हैं तो आरोपित ने क्रेडिट कार्ड से जोड़ने को कहा। तरीका भी उसी ने बताया। रुपये भेजने पर कहा 89000 रुपये की स्लिप भी भेज दी। लेट-फी के नाम पर 1500 रुपये फिर से मंगाए। दूसरे नंबर से कॉल आई, जिसने खुद को चालक बताया और 7500 रुपये मांगे। यह पेमेंट करने के बाद तीसरे नंबर से कॉल आई, जिसने खुद को मैनेजर बताया। उसने 14400 रुपये मांगे। नहीं देने पर पहले के रुपये डूबने की बात कही। इस तरह आरोपितों ने 89000 रुपये मंगा लिए। इसके बाद भी आरोपित रुपये मांग रहे थे।

अथर के मुताबिक वह पहले विजयनगर थाने गए, जहां से उन्हें साइबर सेल भेज दिया गया। यहां भी सुनवाई नहीं हुई तो वह एसएसपी कार्यालय पहुंचे। यहां से फिर साइबर सेल भेज दिया गया। चार माह तक जांच के बाद विजयनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।

Posted By: Jagran

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