जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : फास्ट ट्रैक कोर्ट ने साहिबाबाद क्षेत्र में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को 10 वर्ष की सजा व 15 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर अभियुक्त को अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देनी पड़ेगी। सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में दोष सिद्ध अभियुक्त अंकुश की सजा पर बहस के बाद फैसला सुनाया।

जिला शासकीय अधिवक्ता ने किशोरी का अपहरण कर बंधक बनाने के बाद दुष्कर्म करने की घटना को गंभीर अपराध बताकर अभियुक्त को अधिकाधिक सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप ¨सह ने कम सजा देने की अदालत से गुजारिश की। अदालत के विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद अभियुक्त अंकुश को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

साहिबाबाद थाना क्षेत्र में जुलाई 2013 में किशोरी को रास्ते से अपहरण कर लिया था। अभियुक्त अंकुश उसे नोएडा में अपने गांव ले गया। वहां 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म किया था। अदालत ने तीन दिन पहले 11 जनवरी को पुख्ता साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराया था।

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