जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : पीएफ घोटाले के चलते धरना और हड़ताल के चलते विद्युत बिल कैश काउंटर भी बंद हो गया है। इससे बिल अदा करने वाले उपभोक्ताओं के साथ ही खुद विद्युत निगम के लिए भी परेशानी खड़ी होने लगी है। बता दें कि संविदाकर्मी कंप्यूटर आपरेटरों ने चार माह से मानदेय न मिलने पर बुधवार से बिलों के चेक जमा नहीं किए हैं।

पीएफ घोटाले से आहत विभिन्न वर्ग के विद्युतकर्मियों ने काम बंद हड़ताल की है। बुधवार को जहां चार माह से मानदेय न मिलने पर संविदा कंप्यूटर आपरेटरों ने चेक से बिल पेमेंट लेना बंद कर दिया। वह मानदेय न मिलने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए हड़ताल पर चले गए। वहीं, बृहस्पतिवार को पीएफ घोटाले को लेकर आंदोलनरत विद्युत कर्मचारियों ने विद्युत उपकेंद्रों पर खुले कैश काउंटर को बंद कर दिया। उपभोक्ता बिल जमा कराने के लिए पहुंचे, लेकिन यहां कैश बिल काउंटर बंद मिलने से वह निराश होकर वापस लौट गए। वहीं, इस संबंध में हड़ताल कर धरनारत विद्युतकर्मियों का कहना है कि घोटाले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी, सीबीआइ जांच एवं पीएफ में हुई चूक के लिए सरकार जिम्मेदारी लेकर कर्मचारियों की भविष्य निधि सुरक्षित होने का भरोसा दिलाए। इसके बाद ही वह काम पर लौटेंगे। प्रदेश भर में विद्युत कर्मचारी भविष्य निधि के डूब जाने को लेकर मोर्चा खोले हुए हैं। इसे लेकर कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को स्वजनों के साथ सड़कों पर उतरकर सरकार को अपनी व्यथा बताई।

लखनऊ में प्रदर्शन के चलते अभी शायद कैश काउंटर बंद करा दिए गए हों, लेकिन कल विधिवत रूप से कैश काउंटर खोले जाएंगे। इसके अलावा ऑनलाइन बिल जमा कराने की भी सुविधा है। उपभोक्ता अन्य बिलों की तरह बिजली का बिल भी ऑनलाइन जमा करा सकते हैं।

- आरके राणा, मुख्य अभियंता

Posted By: Jagran

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