आशुतोष अग्निहोत्री, गाजियाबाद : पहले चरण के लिए 10 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए गाजियाबाद में शुक्रवार को नामांकन शुरू हो गए। बावजूद इसके फिलहाल जिले की किसी भी सीट पर प्रत्याशियों की स्थिति साफ नहीं है। समाजवादी पार्टी ने लोनी, साहिबाबाद और मोदीनगर में चेहरे तय कर दिए हैं, लेकिन मुरादनगर और शहर विधानसभा सीट पर अभी इंतजार के मूड में है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक किसी भी सीट पर पत्ते नहीं खोले हैं। इन सबके बीच दावेदार बेचैन हैं और उनकी रातों की नींद गायब है। भाजपा में साहिबाबाद से दावेदार अजय शर्मा ने तो बगावत के भी संकेत दे दिए हैं।

ब्राह्मण बाहुल्य साहिबाबाद विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी और रालोद गठबंधन ने पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा को टिकट दिया है। अमरपाल शर्मा यहां पहले से तैयारी कर रहे थे और उनके समकक्ष सपा के पास अन्य कोई दावेदार भी नहीं था। ऐसे में सपा ने यहां से प्रत्याशी घोषित कर बाजी मार ली। भाजपा खेमे के सूत्रों की मानें तो यहां भाजपा के वर्तमान विधायक सुनील शर्मा और पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा का नाम ही पैनल में बचा है। अजय शर्मा ने बृहस्पतिवार को एक निजी चैनल पर आई भाजपा की सूची के बाद इंटरनेट पर बगावती पोस्ट कर अपनी उम्मीदों पर लगभग पानी फेर लिया है।

लोनी विधानसभा सीट पर सपा-रालोद गठबंधन के मदन भइया, बहुजन समाजवादी पार्टी के हाजी आकिल, कांग्रेस के यामीन मलिक और आम आदमी पार्टी से डा.सचिन शर्मा मैदान में हैं। भाजपा ने यहां भी अपना प्रत्याशी तय नहीं किया है। यही हाल मोदीनगर विधानसभा का है। मोदीनगर में सपा-रालोद गठबंधन ने पूर्व विधायक सुदेश शर्मा पर दांव खेला है, जबकि बसपा ने डा.पूनम गर्ग व आम आदमी पार्टी ने हरेंद्र शर्मा पर दांव आजमाया है। भाजपा यहां भी दावेदारों को इंतजार करा रही है। शहर विधानसभा की बात करें तो कांग्रेस ने सुशांत गोयल और बसपा ने सुरेश बंसल पर दांव खेला है। वैश्य बहुल इस सीट पर भाजपा के वर्तमान विधायक अतुल गर्ग और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मयंक गोयल अंतिम पैनल में है। सपा यहां से वैश्य उम्मीदवार को उतार सकती है, लेकिन अभी फिलहाल नाम तय नहीं है। जिले में इस समय सबसे चर्चित सीट मुरादनगर विधानसभा बनी हुई है। यहां पर कांग्रेस ने विजेंद्र यादव और बसपा ने अयूब इदरीसी को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी से महेश त्यागी झाड़ू लिए खड़े हैं। भाजपा के वर्तमान विधायक अजितपाल त्यागी और जेडीयू महासचिव केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी में टिकट के लिए जोर आजमाइश चल रही है। समाजवादी पार्टी यहां विरोधी पार्टी के दावेदारों की ओर निहार रही है। वैसे तो सियासी गलियारों में चर्चा है कि भाजपा जिले में पुराने मोहरों पर ही दांव लगाएगी, लेकिन देरी दावेदारों का ठंड में भी पसीना छुड़ा रही है।

फूंक-फूंक कर कदम रख रही भाजपा : वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक कुलदीप तलवार कहते हैं कि भाजपा टिकट वितरण में जितनी देरी करेगी, विरोधी पार्टियों को भी उतना ही इंतजार करना होगा। उनकी मानें तो चुनाव से पहले मची भगदड़ को देखते हुए भाजपा टिकट को लेकर फूंक-फूंककर कदम रख रही है। गाजियाबाद को भाजपा का गढ़ कहा जाता है। ऐसे में जितनी देर से टिकट घोषित करेगी वह उसके लिए बेहतर होगा। सपा- रालोद गठबंधन को लेकर कहते हैं कि अभी गठबंधन प्रत्याशी को लेकर अंदरूनी राय न बन पाना भी देरी का कारण हो सकता है।

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