गाजियाबाद में ई-कॉमर्स घोटाला: फर्जी आईडी से 43 खाते खोलकर लाखों का रिफंड हड़पा, सिस्टम में सेंध
एक नामी ई-कॉमर्स कंपनी में फर्जी आईडी पर ग्राहक खाते खोलकर लाखों रुपये के फर्जी रिफंड का मामला सामने आया ...और पढ़ें

एक नामी ई-कॉमर्स कंपनी में फर्जी आईडी पर ग्राहक खाते खोलकर लाखों रुपये के फर्जी रिफंड का मामला सामने आया है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नामी ई कामर्स कंपनी में फर्जी आइडी पर ग्राहक खाते खोलकर लाखों रुपये के फर्जी रिफंड का मामला सामने आया है। आरोपितों ने आनलाइन प्लेटफार्म पर माल आर्डर कर डिलीवरी ली इसके बाद कंपनी के सिस्टम में छेड़छाड़ कर रिफंड हासिल कर लिया।
जबकि वास्तविकता में माल वापस ही नहीं हुआ था। कंपनी की शुरूआती जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम, भिवानी और फतेहाबाद समेत कुछ अन्य शहरों के पते इस्तेमाल कर 43 फर्जी खाते खोलकर लाखों रुपये का रिफंड हासिल कर लिया है। कंपनी की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
एएसएसपीएल कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक शर्वीन कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी ग्राहक खाते बनाकर कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। आरोपितों ने वर्ष 2020 से 2024 के बीच अलग-अलग नाम, मोबाइल नंबर और पते का इस्तेमाल कर कई आर्डर किए।
उत्पाद प्राप्त करने के बाद इन लोगों ने कंपनी के सिस्टम में सेंध लगाकर 2023 से 2025 के बीच विभिन्न तिथियों पर धोखाधड़ी से रिफंड हासिल कर लिया। इस रकम का उपयोग महंगे उत्पाद, जैसे फिटनेस वाच महंगे मोबाइल फोन खरीदने में किया गया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि एक मोबाइल नंबर से तीन और दूसरे नंबर से करीब 40 फर्जी खाते बनाए गए। इन खातों के जरिए उत्पाद मंगाने के बाद रिफंड लेकर कंपनी को नुकसान पहुंचाया गया। धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए दो ईमेल आइडी का भी इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि ये सभी फर्जी खाते आपस में मोबाइल नंबर, भुगतान माध्यम, आइपी एड्रेस और पते के जरिए जुड़े हुए थे।कंपनी का एक वेयरहाउस श्याम एंक्लेव जनकपुरी में भी है।
वेयरहाउस से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
पुलिस का कहना है कि मामले में कंपनी वेयरहाउस से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। क्योंकि आम ग्राहक कंपनी के डाटाबेस और नेटवर्क मे सेंध नहीं लगा पाएगा। कंपनी के वेयरहाउस में डिलीवरी के लिए आए माल की डिलीवरी के बाद भी आर्डर निरस्त कर दिया गया, लेकिन ग्राहक के पास से माल वापस नहीं आया। ऐसे में वेयरहाउस में बैठे या कंपनी से जुड़े एवं उसके पूर्व कर्मचारी रिफंड की पूरी प्रक्रिया को जानते हैं। मामले में शीघ्र जांच कर आरोपितों का पता लगाया जाएगा।
कंपनी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू करा दी गई है। कंपनी से सभी खातों का विवरण और आर्डर की जानकारी मांगी गई है। कंपनी को कितना नुकसान हुआ है इसकी भी जानकारी ली जा रही है। जांच के आधार पर शीघ्र आरोपितों का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी
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