जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : दिलशाद गार्डन से न्यू बस अड्डा मेट्रो कॉरिडोर पर मंगलवार सुबह सेफ्टी ट्रायल किया गया। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) एसके पाठक ने 9.41 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की सेफ्टी परखी। सप्ताह भर में इसकी रिपोर्ट आने के बाद मेट्रो के संचालन का रास्ता साफ होगा।

मंगलवार न्यू बस अड्डा मेट्रो कॉरिडोर पर सेफ्टी ट्रायल होने को लेकर साफ सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। इस दौरान यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। हालांकि अभी सेफ्टी स्कैनर स्टेशन पर नहीं लगाए गए हैं, लेकिन सुबह से ही न्यू बस अड्डा मेट्रो स्टेशन पर चहल-पहल के साथ ही साज-सज्जा की गई थी। मेट्रो कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) एसके पाठक ने सुबह करीब 11 बजे हरी झंडी दिखाते हुए मेट्रो का सेफ्टी ट्रायल कराया। यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन का विस्तार है। बता दें कि इस पर शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहननगर, अर्थला, ¨हडन रिवर और न्यू बस अड्डा स्टेशन बनाया गया है। इसके निर्माण में विभिन्न मदों से 1781.21 करोड़ रुपये लागत आई है। सेफ्टी ट्रायल कामयाब होने की रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की उम्मीद है। इसके बाद ही शासन स्तर से उद्घाटन की तिथि तय हो पाएगी। इस कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन शुरू होने से प्रतिदिन करीब एक लाख लोगों को आवाजाही में लाभ मिलेगा।

सेफ्टी ट्रायल के खास पहलू

मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) ट्रायल में निरीक्षण के दौरान कई चीजों को परखा जाता है, जिनमें सिग्नल के साथ ही मेट्रो रेल के एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर पहुंचने टाइ¨मग को बारीकी से देखा जाता है। इसके अलावा ट्रेक का निरीक्षण करने के साथ ही इसकी स्पीड पर बारीकी से नजर रखी जाती है। वहीं, यात्रियों की सुरक्षा इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है, जिसका हर पहलू पर बारीकी से निरीक्षण किया जाता है।

सड़क से घटेगा ट्रैफिक

मेट्रो का संचालन शुरू होने के साथ ही अधिकांश लोग अपने वाहनों को छोड़ इसमें सफर करना पसंद करेंगे, जिससे समय की बचत के साथ ही वाहनों से लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण में भी किसी हद तक कमी आएगी। वहीं, सड़कों से वाहनों का बोझ कम होने के साथ ही जाम की समस्या से भी किसी हद तक निजात मिलेगी।

Posted By: Jagran

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