बेटी के अपहरण की फर्जी धमकी, जालसाजों ने 9 दिन तक किया 'डिजिटल अरेस्ट'; डरा-धमकाकर 14 लाख ठगे
गाजियाबाद में साइबर ठगों ने एक महिला को बेटी के अपहरण की धमकी देकर 9 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और खुद को पुलिस व जांच एजेंसी का अधिकारी बताया।

आंध्र प्रदेश के बैंक खाते में आरटीजीएस से ट्रांसफर कराए 14 लाख। (AI-Generated Image)
HighLights
महिला को बेटी के अपहरण की धमकी दी गई
साइबर ठगों ने 9 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा
पीड़िता से 14.76 लाख रुपये की ठगी हुई
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। साइबर ठगों ने एक महिला को उसकी बेटी के अपहरण की धमकी देकर नौ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपियों ने खुद को पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर परिवार को गंभीर मामले में फंसाने का डर दिखाया।
दहशत में आई महिला ने आरोपियों के बताए बैंक खाते में 14.76 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
घटने से पहले पति को आया अज्ञात कॉल
शालीमार गार्डन निवासी उषा रानी ने पुलिस को बताया कि 1 अक्टूबर को उनके पति के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग हुआ है और उनका खाता मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया गया है।
इसके बाद आरोपियों ने महिला और उनके पति से संपर्क साधा। वॉट्सएप पर वीडियो काल कर दो लोग सामने आए और खुद को जांच एजेंसी और कोर्ट से जुड़ा बताकर डराने लगे। आरोपियों ने उन्हें वरिष्ठ अधिकारी और मजिस्ट्रेट से बात कराने का झांसा भी दिया।
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें लगातार निगरानी में रखा और परिवार के बारे में जानकारी लेते रहे। उन्होंने धमकी दी कि यदि उनके बताए निर्देशों का पालन नहीं किया तो बेटी को स्कूल से अगवा कर लिया जाएगा। इस धमकी से महिला और उनका परिवार दहशत में आ गया।
आठ-दस दिन चला पूरा घटनाक्रम
आरोपियों ने 9 दिन तक वीडियो कॉल और फोन के माध्यम से संपर्क बनाए रखा और महिला से लगातार जानकारी लेते रहे। उन्हें धमकाया गया कि इन परेशानियों से बचना है तो हमारे बताए बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर कर दो नहीं तो जेल जाने के लिए तैयार रहो।
आठ-दस दिन तक चले इस घटनाक्रम के दौरान नौ अक्टूबर को महिला ने आरोपियों के बताए खाते में 14.76 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। रकम आंध्र प्रदेश के एक बैंक खाते में भेजी गई। रुपये ट्रांसफर होते ही आरोपियों ने फोन काट दिया।
एसीपी ने शुरू की मामले की जांच
पीड़िता ने जब नंबर पर फोन करने का प्रयास किया तो नंबर बंद मिला। इसके बाद महिला को ठगी का अहसास हुआ। परेशान होकर पीड़िता ने मंगलवार को साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
एसीपी क्राइम अमित सक्सेना का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिस खाते में रुपये ट्रांसफर हुए हैं उसकी जानकारी ली जा रही है। शीघ्र आरोपियों का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
