जागरण संवाददाता, गाजियाबाद: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के दूसरे चरण में निर्माणाधीन चिपियाना आरओबी के चलते रोज भीषण जाम लगता है। सुबह और शाम लगने वाले इस ट्रैफिक जाम के चलते लोग वाहनों को वापिस ले जाने को मजबूर हो जाते हैं। गलत दिशा में वाहन ले जाने के चलते यह जाम और बढ़ जाता है। आलम यह है कि मेरठ से दिल्ली की और जाने वाली सात लेन की सड़क एक लेन में तब्दील हो जाती है। एनएचएआइ और पुलिस अफसरों के बीच तालमेल न होने की वजह से मौके से पुलिसकर्मी गायब रहते हैं। निर्माण कंपनी के गार्ड भी गायब रहते हैं। वाहन चालक खुद ही जाम खुलवाने में लगे रहते हैं। शनिवार देर शाम को चिपियाना आरओबी के पास लगे जाम में सैकड़ों वाहन घंटो फंसे रहे। एंबुलेंस, रोडवेज बस, पुलिस की जिप्सी और कुछ बीमार लोग भी इस जाम फंसे रहे। दो किलोमीटर की दूरी तय करने में कई लोगों को दो घंटे का समय लगा। जाम में फंसने पर एक वाहन खराब हुआ तो यात्रियों ने धक्का लगाकर मुश्किल से चालू किया और गलत दिशा में चलाकर वापस लौट गए। उधर एनएचएआइ के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग का पक्ष जानने को उन्हे फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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दो साल बाद भी काम अधूरा चिपियाना आरओबी का काम दो साल से चल रहा है। एनएचएआइ के अफसरों एवं निर्माण कंपनी की लापरवाही के चलते कार्य पूर्ण किए जाने में विलंब हो रहा है। पहले जनवरी में और फिर अप्रैल में इसका काम पूरा किया जाना था लेकिन रेलवे द्वारा ब्लाक न मिलने से गार्डर लांच में देरी हो गई। अप्रैल में ब्लाक मिलने पर गार्डर लांच किए गए हैं। अब दूसरी साइड में गार्डर लांच करने के लिए रेलवे द्वारा ब्लाक नहीं दिया जा रहा है। एनएचएआइ ने आरओबी बनने से पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को अप्रैल में चालू कर दिया था। इससे वाहनों की संख्या बढ़ गई है। काम के साथ एक्सप्रेस-वे चालू होने से रोज वाहनों की लंबी लंबी कतारे लग जाती हैं।

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गढ़मुक्तेश्वर से वापस अपने गांव आ रहा था तो जाम में फंस गया। चिपियाना आरओबी से गांव की दूरी दो किलोमीटर तय करने में दो घंटे लग गए।

-जतिन त्यागी, डूंडाहेड़ा

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बुलंदशहर में बीमार बुआ से मिलने गया था। वापस लौटने पर चिपियाना के पास भीषण जाम लगा हुआ मिल गया तो वाहन साइड में लगाकर फुटपाथ पर एक घंटा बैठना पड़ा।

-सन्नी, खिचड़ीपुर, दिल्ली

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सात लेन चौड़ी सड़क निर्माण के चलते एक लेन रह गई है। मौके पर पुलिस तैनात रहती है। वाहनों की गति धीमी हो जाती है। इस ट्रैफिक जाम का कोई विकल्प नहीं है। निर्माण कार्य पूरा होने तक जाम झेलना होगा।

- रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक

Edited By: Jagran