दीपा शर्मा, गाजियाबाद : जो लोग प्लाज्मा दे रहे हैं वह सभी पूरी तरह से स्वस्थ हैं कोई परेशानी नहीं हो रही है और न ही कोई कमजोरी है। इसके बाद भी प्लाज्मा डोनेट करने के लिए लोग तैयार नहीं हो रहे हैं। यह मानवता के लिए अच्छी बात नहीं है। जितनी बड़ी संख्या में लोग कोरोना से जंग जीत रहे हैं सभी अपना प्लाज्मा डोनेट करने के लिए आगे आएं तो कोरोना कहीं नहीं टिक सकेगा। यह कहना है वसुंधरा सेक्टर-2 के रहने वाले बसंत सिंह तोमर का जिन्होंने पांच मई को अपना प्लाज्मा डोनेट कर कोरोना संक्रमित की जान बचाने में मदद की। इससे पहले वह 20 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और नियमित रक्तदाता हैं।

बसंत ने बताया कि अप्रैल में उनकी तबीयत कुछ खराब लगी तो उन्होंने अपनी कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद उन्होंने घर पर खुद को आइसोलेट चिकित्सक के परामर्श पर उपचार शुरू कर दिया। दवाइयों के साथ सुबह शाम भाप ली, गरारे किए, हल्दी वाला दूध पिया और आयुर्वेद को अपनाते हुए योग और प्राणायाम भी किया। तबीयत भी ठीक ही रही। जल्दी ही कोरोना जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आ गई। इसके बाद उन्होंने प्लाज्मा डोनेट करने का फैसला लिया। चिकित्सक की सलाह पर पांच मई को उन्होंने अपना प्लाज्मा डोनेट किया। एक दूसरे की करेंगे मदद, जल्दी हारेगा कोरोना

बसंत सिंह तोमर ने कहा कि मानवता के नाते हम सभी एक दूसरे की मदद करें तो परेशान कितनी भी बड़ी क्यों न हो ज्यादा समय तक नहीं टिक सकती। कोरोना संक्रमण के दौर में सभी को एकजुट होने की जरूरत है एक दूसरे के काम आने की जरूरत है। सभी से अपील है कि जो सक्षम हैं सभी अपना प्लाज्मा डोनेट करें। वो दिन दूर नहीं जब हर व्यक्ति कोरोना से जंग जीतने में सक्षम होगा। प्लाज्मा डोनेट करने से स्वास्थ्य को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है और न ही कमजोरी महसूस होती है। पता भी नहीं चलता कि शरीर से कुछ निकाला भी गया है। बल्की मन को शुकून मिलता है कि हम किसी के काम आए और जीवन को बचाने में मदद की। आज हम दूसरों के लिए खड़े होंगे तो कल हमारी मदद के लिए कोई खड़ा होगा। बीमारी किसी छोटे बड़े अमीर गरीब को देखकर नहीं हो रही है किसी को भी हो सकती है। इससे जीतने के लिए सभी का एक दूसरे की मदद करना जरूरी है।

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