जासं, गाजियाबाद: नगर निगम द्वारा ई-टेंडर के जरिये शहर में डिजिटल होर्डिंग और स्क्रीन के जरिये 15 साल विज्ञापन करने का ठेका मीडिया 24*7 कंपनी को दिया गया है। अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अब विज्ञापन से नगर निगम की आय लगभग छह गुना बढ़ेगी और आपदा के वक्त भी कमाई में कमी नहीं आएगी। सालाना 16 करोड़ रुपये की आमदनी नगर निगम को होगी।

15 साल का ठेका देने के साथ ही नगर निगम ने शर्त रखी है कि कंपनी की सालाना जो भी कमाई होगी उसका 40 फीसद नगर निगम को देगी। लेकिन अगर अनुबंध के तहत कंपनी की सालाना कमाई में कमी आएगी तो भी दो करोड़ रुपये सालाना प्रीमियम और 14 करोड़ रुपये विज्ञापन के एवज में दिए जाएंगे। इसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी, ऐसे में नगर निगम को आपदा या मंदी के वक्त भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। पिछले साल महज 80 लाख कमाए: नगर निगम ने होर्डिंग्स के जरिये गत पांच साल में 15 करोड़ रुपये की आमदनी की है। औसतन प्रतिवर्ष तीन करोड़ रुपये की आमदनी हुई लेकिन पिछले साल कोरोना के कारण आय कम हुई, एक साल में महज 80 लाख रुपये की आय हुई।

पार्षद उठा रहे सवाल : नगर निगम द्वारा 15 साल विज्ञापन के लिए विज्ञापन का ठेका एक कंपनी को दिए जाने पर कुछ पार्षदों ने सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि टेंडर लेने वाली कंपनी को पहले ही दो जगह काली सूची में डाला गया है और इसके लिए नगर निगम की कार्यकारिणी और बोर्ड से प्रस्ताव पास नहीं करवाया गया है। इस मामले में सीएम से शिकायत भी की गई है हालांकि नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को काली सूची में डाले जाने की सूचना की पुष्टि नहीं है, कंपनी को ठेका देने में नियमों का पालन किया गया है। बयान 15 साल शहर में विज्ञापन के लिए कंपनी को ठेका देने का कार्य कार्यकारिणी और बोर्ड को अवगत कराने के बाद किया गया है। नगर निगम की आय में छह गुना वृद्धि होगी, यह धनराशि शहर के विकास में खर्च की जाएगी। ठेका लेने वाली कंपनी ने 10 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं।

- महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त।

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