जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : डेयरी संचालक को अवैध रूप से हिरासत में लेकर पुलिसकर्मियों द्वारा पीटने व उनकी स्कार्पियो गाड़ी को जब्त कर अदालत में झूठी रिपोर्ट पेश करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप चौधरी की अदालत ने एसएसपी गाजियाबाद को प्रारंभिक जांच कर आख्या पेश करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि एसएसपी स्वयं या राजपत्रित पुलिस अधिकारी से मामले की जांच कराकर लिखित आख्या 27 जनवरी को अदालत में पेश करें।

पूर्व बार सचिव अधिवक्ता परविदर नागर ने बताया कि सिहानी गेट थाना पुलिस ने गत छह सितंबर की रात साढ़े आठ बजे राकेश मार्ग के पास से डेयरी संचालक विनोद कुमार सिंह को अवैध रूप से हिरासत में लिया और उनकी स्कार्पियो गाड़ी को भी थाने ले गए। आरोप है कि थाने में पीड़ित को बुरी तरह पीटने के बाद सात सितंबर को शांति भंग करने की कार्रवाई की। इसके बाद पीड़ित ने अवैध रूप से जब्त गाड़ी को रिलीज कराने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। 10 सितंबर को सिहानी गेट पुलिस ने अदालत में रिपोर्ट पेश कर अवगत कराया कि थाने में विनोद कुमार सिंह की कोई गाड़ी नहीं है। इस पर पीड़ित ने थाने में खड़ी गाड़ी का फोटो खींचकर अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में फिर से प्रार्थना पत्र पेश किया, जिसके बाद अदालत ने फिर से सिहानी गेट थाने के रिपोर्ट तलब की। दूसरी रिपोर्ट में सिहानी गेट थाना पुलिस ने लावारिस में गाड़ी दाखिल होने की रिपोर्ट दी। मामले में पीड़ित ने आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद अदालत ने एसएसपी को उपरोक्त आदेश दिए।

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