मदन पांचाल, गाजियाबाद: बस गिरने की घटना में घायल सुनील की पत्नी चुमचुम अब गुमसुम है। रो-रोकर बस यहीं कह रही है कि आखिरी बार रात के नौ बजे फोन करके उन्होंने कहा था कि तुम सब्जी बना लो, मैं गाड़ी से उतरने वाला हूं। उसके बाद मोबाइल फोन बंद हो गया। सब्जी बनाने के एक घंटे बाद तक सुनील घर नहीं पहुंचे तो चुमचुम ने फोन किया तो फोन बंद मिला। घबराहट और परेशानी बढ़ने पर सुनील के दोस्तों को फोन मिला दिया। साढ़े 10 बजे कंपनी के मैनेजर की काल आने पर हादसे की खबर सुनकर चुमचुम बेहोश हो गई। इस बीच घायल सुनील को जिला एमएमजी अस्पताल से यशोदा अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। भाटिया मोड़ आरओबी से बस गिरने के तुरंत बाद सुनील बेहोश हो गया था। सिर में गंभीर चोट लगने और छाती में चोट से उसकी हालत खराब होती चली गई। बृहस्पतिवार देर शाम को चिकित्सकों ने सुनील की हालत बेहद गंभीर बताई है। सुनील 18 वर्ष से एलजी कंपनी में कार्यरत है और रोज बस से ही ड्यूटी जा रहा था। अस्पताल के प्रबंधक आशीष कुमार ने बताया कि सुनील को बचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। गोविदपुरम की सरस्वती विहार कालोनी में रहने वाले सुनील की बेटी अंशिका कक्षा 10 और बेटा अंकुर छठवीं कक्षा में केंद्रीय विद्यालय कमला नेहरू नगर में अध्ययनरत हैं। बच्चों के अध्यापक वाईपी सिंह रात से अस्पताल में डेरा डाले हुए हैं। एक साल पहले भाई का हो गया निधन : रांची के रहने वाले सुनील के बड़े भाई मनोज का निधन 18 सितंबर, 2020 को निमोनिया की वजह से हो गया था। 85 वर्षीय पिता हरिहर रांची में ही रहते हैं। हादसे की खबर फिलहाल हरिहर को नहीं बताई गई है। सुनील के चचेरे भाई एडवोकेट अरुण कुमार सिंह ने बताया कि हंसता-खेलता पूरा परिवार बिखर गया है। तीन वर्ष पहले मां, एक साल पहले भाई के निधन के बाद सुनील की हालत गंभीर है। चिकित्सक डा.पुनीत मलिक का कहना है कि सुनील का ब्रेन डेड हो गया है।

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आसिफ का नहीं रुक रहा रक्तस्त्राव

जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती घायल आसिफ के दोनों पैरों में गंभीर चोटें हैं। हड्डी टूटने से रक्तस्त्राव नहीं रुक रहा है। सीएमएस डा.अनुराग भार्गव ने बताया कि रक्तस्त्राव रूकने में वक्त लगेगा। उसके बाद आपरेशन होगा। स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च स्तर पर शिकायत की है। उधर, सर्वोदय अस्पताल में भर्ती बस के चालक की स्थिति भी गंभीर हैं।

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