मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिल्डर निर्मल सिंह को मिली अग्रिम जमानत, होमबायर्स से जुटाए थे 183 करोड़ रुपये
गाजियाबाद में लोटस-300 परियोजना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 3सी ग्रुप के प्रमोटर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई है।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिल्डर निर्मल सिंह को मिली अग्रिम जमानत। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
बिल्डर निर्मल सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अग्रिम जमानत मिली।
ईडी ने 183.43 करोड़ रुपये के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
अदालत ने दो लाख के निजी मुचलके पर सशर्त रिहा किया।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद में लोटस-300 परियोजना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 3सी ग्रुप के प्रमोटर निर्मल सिंह को प्रभारी विशेष न्यायाधीश (ईडी) की अदालत ने अग्रिम जमानत पर रिहा कर दिया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज ईसीआइआर में आरोप है कि होमबायर्स से जुटाए गए 183.43 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया। रकम को विभिन्न कंपनियों में स्थानांतरित कर संपत्तियां खरीदी गईं।
बता दें कि निर्मल सिंह के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई आवासीय प्रोजेक्ट हैं। नोएडा में युवराज सिंह की डूबने से मौत होने के मामले में भी निर्मल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
मेसर्स 3सी यूनिवर्सल डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को हैसिएंडा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमि (एचपीपीएल) से 183.43 करोड़ रुपये मिले थे। यह रुपये कथित रूप से होमबायर्स के धन का हिस्सा थे। जांच में पाया गया कि यह रकम वास्तविक व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं रखी गई थी। यह कई कंपनियों और संस्थाओं के माध्यम से घुमाई गई थी। इनमें कई अन्य कंपनियां शामिल थीं।
आरोप है कि इन लेनदेन के जरिए अपराध से हासिल धन को छिपाने और संपत्तियों में निवेश करने की योजना बनाई गई। जांच एजेंसी के अनुसार निर्मल सिंह सहित अन्य आरोपित 3सी ग्रुप के प्रमुख प्रमोटर थे।
निर्मल सिंह ने दर्ज बयानों में स्वीकार किया था कि खरीदारों से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा 3सी यूनिवर्सल डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को असुरक्षित ऋण और अग्रिम के रूप में ट्रांसफर किया गया।
तीन दशकों से निर्माण परियोजनाओं से जुड़े हुए
इस मामले में निर्मल सिंह की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई। अदालत में बचाव पक्ष ने कहा कि आवेदक सम्मानित व्यवसायी है। पिछले तीन दशकों से निर्माण परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं। वह जांच में लगातार सहयोग करते रहे हैं।
याचिका में यह भी कहा गया कि लोटस-300 परियोजना पूरी हो चुकी है। सभी छह आवासीय टावर तैयार होकर खरीदारों को कब्जा दिए जा चुके हैं। 330 फ्लैटों में से 200 से अधिक का पंजीकरण भी हो चुका है। निर्मल सिंह ने अपनी खराब सेहत का भी हवाला दिया है।
सशर्त अग्रिम जमानत पर रिहा कर दिया
अदालत ने निर्मल सिंह को दो लाख रुपये का व्यक्ति बंध पत्र के साथ सशर्त अग्रिम जमानत पर रिहा कर दिया। आरोपित को 10 दिन के भीतर अपना पासपोर्ट अदालत में दाखिल करना होगा। बिना न्यायालय की अनुमति के विदेश यात्रा और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा।
कौन है निर्मल सिंह
- वर्ष 2018 में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने प्रोजेक्ट्स में खरीदारों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था
- नोएडा में हुए स्पोर्ट्स सिटी घोटाले में भी नाम सामने आया था
- नोएडा में युवराज सिंह की डूबने से मौत के मामले में निर्मल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
