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बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी उम्मीदें, अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम और होम लोन पर छूट की लगी आस

Published: Fri, 30 Jan 2026 08:06 PM (IST)

केंद्रीय बजट 2026 से पहले रियल एस्टेट सेक्टर में सकारात्मक माहौल है। मजबूत हाउसिंग डिमांड और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी फोकस ...और पढ़ें

Budget 2026 (7)
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जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। केंद्रीय बजट 2026 से पहले रियल एस्टेट सेक्टर में सकारात्मक माहौल स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। बीते कुछ साल में मजबूत हाउसिंग डिमांड और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के बढ़ते फोकस ने रियल एस्टेट को नई मजबूती प्रदान की है। अफोर्डेबल हाउसिंग की कीमत सीमा में संशोधन और होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ाए जाने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं ने विकास को गति दी

पिछले आम बजट में सरकार के फैसले से रियल एस्टेट गतिविधियों को लाभ मिला है। सड़क, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, रेलवे स्टेशन पुनर्विकास और एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं ने विकास को गति दी है। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते अब शहरों के बाहरी इलाकों में भी हाउसिंग डिमांड बढ़ रही है और नई हाउसिंग बेल्ट्स विकसित हो रही हैं।

कोविड के बाद हाउसिंग डिमांड के स्वरूप में भी बड़ा बदलाव आया है। घर खरीदार बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण को प्राथमिकता दे रहे हैं। जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स स्ट्रक्चर को सरल किए जाने से निर्माण सामग्री की लागत पर कुछ हद तक नियंत्रण में आया है।

आम बजट से रियल एस्टेट सेक्टर काे उम्मीद

रियल एस्टेट सेक्टर को बजट 2026 से अफोर्डेबल हाउसिंग की कीमत सीमा में संशोधन और होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ाए जाने की उम्मीद है। इससे मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा और बाजार में नई मांग पैदा होगी। इसके साथ ही, ग्रीन और सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष इंसेंटिव्स दिए जाने की भी उम्मीद जताई जा रही है, जिससे पर्यावरण-अनुकूल निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और लंबी अवधि में लागत कम होगी।

बजट से लगी सकारात्मकता की आस

"बजट 2026 से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, महंगाई पर नियंत्रण और ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक संकेत अहम हैं। ईडब्ल्यूएस और पीएमएवाई में सेक्शन 80ईईए के तहत टैक्स छूट से घर खरीदारों को राहत मिल सकती है।"

-मनोज गौड़, सीएमडी गौड़ ग्रुप

"शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पर पूंजीगत खर्च बढ़ने से एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बाजारों में रियल एस्टेट की मांग लंबे समय तक बनी रहेगी।"

-कुशाग्र अंसल, डायरेक्टर अंसल हाउसिंग

"टैक्स डिडक्शन की सीमा बढ़ाने और आय की शर्तों को मौजूदा हाउसिंग कीमतों के तहत घर खरीदना आसान होगा। सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी।"

-यश मिगलानी, एमडी मिगसन ग्रुप

"स्टांप ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने और टैक्स प्रक्रिया को सरल करने से घर खरीदारों पर बोझ कम होगा और निर्णय प्रक्रिया तेज होगी।"

-संजय शर्मा, एसकेए ग्रुप

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