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गाजियाबाद BSP में बड़ा फेरबदल, 3 महीने में बदले गए 3 जिलाध्यक्ष; चुनाव से पहले पार्टी की नई रणनीति?

Published: Thu, 22 Oct 2026 03:52 PM (IST)

बसपा गाजियाबाद में लगातार जिला अध्यक्ष बदल रही है, पिछले तीन महीनों में तीन अध्यक्ष बदले गए हैं। विधानसभा चुनाव ...और पढ़ें

गाजियाबाद में बसपा का मंथली बदलाव तीन महीने में तीन जिला अध्यक्ष। जागरण

गाजियाबाद में बसपा का मंथली बदलाव तीन महीने में तीन जिला अध्यक्ष। जागरण

HighLights

  1. गाजियाबाद में बसपा ने तीन महीने में तीन अध्यक्ष बदले।

  2. देवेंद्र वर्मा बने गाजियाबाद बसपा के नए जिलाध्यक्ष।

  3. विधानसभा प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी अब जिला अध्यक्षों को।

मदन पांचाल, गाजियाबाद। भाजपा, सपा और कांग्रेस जहां विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं, वहीं पर बसपा संगठन में खूब उठा पटक चल रही है।पहले हर साल और छह महीने में अध्यक्ष बदले जा रहे थे लेकिन अब हर महीने जिला अध्यक्ष बदले जा रहे हैं।

इससे हाथी की चाल तेज होने की जगह सुस्त होने के आसार बढ़ गए हैं।जनपद गाजियाबाद में बसपा संगठन में फिर बदलाव हुआ है।15 अगस्त को रोहतास जाटव जिला अध्यक्ष बनाए गए थे। लेकिन रोहतास जाटव को जल्दी ही जिलाध्यक्ष से पदोन्नति करते हुए मेरठ मंडल का प्रभारी बना दिया गया।

2 सितंबर को मनोज जाटव को जिलाध्यक्ष बना दिया गया। बृहस्पतिवार को मनोज को भी हटा दिया गया। इनके स्थान पर देवेन्द्र वर्मा को जनपद गाजियाबाद बसपा का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। देवेन्द्र वर्मा पूर्व में मंडल प्रभारी भी रह चुके हैं। वह शालीमार गार्डन में रहते हैं।

अब जोन प्रभारी और जिला अध्यक्ष तलाशेंगे प्रत्याशी

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा ने अपनी रणनीति भी बदल दी है। पहली बार मेरठ मंडल में पडने वाली सभी विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी मेरठ जोन के प्रभारी और जिला अध्यक्षों को जिम्मेदारी सौंपी है।

पार्टी स्तर से जिला अध्यक्ष और जोन प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह विधानसभा चुनाव के लिए बसपा प्रत्याशियों का सीधे चयन कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने पुराने नेताओं के साथ ही सामाजिक और राजनीतिक ठोस पकड़ वाले लोगों के चयन के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि गाजियाबाद की 2012 में कई विधानसभा सीटों पर बसपा ने कब्जा किया था लेकिन पिछले 10 साल से यहां बसपा के उम्मीदवार चुनाव जीतना तो दूर संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए जोर लगाना पड़ रहा है।