पुलिस चौकी पर भाकियू कार्यकर्ता ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
खोड़ा थाना क्षेत्र में भाकियू (गजय) कार्यकर्ता इरफान उर्फ मोनू ने नेहरू गार्डन पुलिस चौकी के बाहर खुद को आग लगाने का प्रयास किया।

थाने के बाहर किया आत्मदाह का प्रयास।
HighLights
भाकियू कार्यकर्ता ने पुलिस चौकी के बाहर खुद को आग लगाई।
पुलिस पर आरोपितों का साथ देने व शिकायत न सुनने का आरोप।
घायल कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती, हालत खतरे से बाहर।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। खोड़ा थाना क्षेत्र में भाकियू (गजय) के कार्यकर्ता ने नेहरू गार्डन पुलिस चौकी के बाहर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया।
आग लगाते ही मौके पर हड़कंप मच गया तुरंत पुलिस कर्मियों ने आग बुझाई और उसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
आरोप है कि दो दिन पहले अपहरण और मारपीट की शिकायत उसने चौकी पर की थी। इस मामले में पुलिस पर आरोपितों का साथ देने का आरोप लगाते हुए उसने यह कदम उठाया। पुलिस अब तहरीर लेने के बाद कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मूलरूप से बिहार पूर्णिया निवासी इरफान उर्फ मोनू खोड़ा की वंदना विहार कॉलोनी में रहते हैं। उनके परिवार में मां और छोटे भाई हैं। वह मजदूरी कर परिवार का पालन करते हैं और वह भाकियू (गजय) के सदस्य हैं।
मारपीट कर प्लांट से बाहर फेंका
उन्होंने बताया कि आठ सितंबर की देर शाम कॉलोनी निवासी सोनी यादव, शेरपाल यादव और एक अज्ञात व्यक्ति उन्हें जबरन घर के स्कूटी पर अपने साथ पानी के प्लांट पर ले गए।
जहां तीनों ने मारपीट कर बेहोशी की हालत में उन्हें प्लांट से बाहर फेंक दिया। वहां से गुजर रहे पड़ोसी ने उनके भाई को जानकारी दी। दोनों मोनू को नेहरू गार्डन पुलिस चौकी पर ले गए।
आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने उनकी शिकायत लेने से मना करते हुए भगा दिया। उन्होंने थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने तहरीर तो ले ली लेकिन मेडिकल नहीं कराया। बुधवार को उन्हें पुलिस चौकी बुलाया गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मी उनपर फैसला करने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि तीनों आरोपित वहां मौजूद थे। तीनों ने पुलिस के सामने उनसे अभद्रता की।
सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ आग लगाने का वीडियो
पुलिस चौकी के बाहर निकलकर इरफान ने कहा कि आरोपित उसे मार डालेंगे, लेकिन वह दबंगों के हाथों नहीं मरेगा, वह खुद ही अपनी जान ले लेगा।
इतना कहते ही उन्होंने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। उसके आग लगते ही वहां मौजूद लोगो ने उसे बचाने का प्रयास करते हुए उनकी टीशर्ट फाड दी लेकिन उनका शरीर आग की चपेट में आ गया।
प्रभारी एसीपी इंदिरापुरम अमित सक्सेना ने बताया कि पीड़ित की ओर से मिली तहरीर के आधार पर आरोपितों केे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। आग लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
धरने में इरफान के शामिल होने से शुरू हुआ विवाद
वंदना विहार कॉलोनी में शेरपाल यादव, सोनी यादव और आकाश यादव का पानी के टैंकर भरने का काम है। जबकि शेरपाल की दुकान में जैद सिद्दकी किरायेदार हैं। पानी के टैंकर उनकी दुकान के सामने खड़े होते थे। इस पर जैद का तीनों से विवाद हुआ। इसके बाद जैद से मारपीट कर आरोपितों ने दुकान में ताला लगा दिया।
इस पर भारतीय किसान यूनियन (गजय) ने थाने पर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दुकान खुलवाकर जैद सिद्दीकी का सामान निकलवा दिया था। धरने में इरफान उर्फ मोनू भी शामिल हुआ था। इसके चलते तीनों उससे रंजिश मानने लगे थे।
दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद भारतीय किसान यूनियन (गजय) के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई पदाधिकारी अस्पताल पहंचे। प्रदेश अध्यक्ष अनीस पांडे ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने आरोपितों से सांठगांठ कर ली। इसके चलते उन्होंने कार्रवाई नहीं की। दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग उन्होंने की है।
एक आरोपित पर बच्चे को कुचलने का मामला है दर्ज
इरफान उर्फ मोनू से मारपीट में शामिल संजय यादव पर बच्चे की कुचल कर हत्या करने का भी आरोप है। कुछ माह पहले ट्रैक्टर से कुचल कर चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चा पिता के साथ स्कूटी पर आगे खड़ा होकर जा रहा था।
इस दौरान संजय यादव तेज रफ्तार में ट्रैक्टर और पानी का टैंकर लेकर वहां आता दिखाई दिया। पिता ने ब्रेक मारते हुए स्कूटी साइड लगाने का प्रयास किया। तभी स्कूटी फिसलने पर बच्चा गिर गया। इससे पहले के बच्चा उठ पाता ट्रैक्टर ने बच्चे को कुचल दिया था।
