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मधुबन-बापूधाम में विकास कार्य गति पकड़ते ही आवंटियों ने मांगे भूखंड

मधुबन-बापूधाम में विकास कार्य के गति पकड़ते ही आवंटियों ने जीडीए से भूखंड मांगने शुरू कर दिए हैं। रोजाना आवंटी चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों उन्हें दो-तीन महीने में भूखंड दिलाने का आश्वासन दिया है।

By JagranEdited By: Published: Fri, 21 Feb 2020 10:03 PM (IST)Updated: Sat, 22 Feb 2020 06:02 AM (IST)
मधुबन-बापूधाम में विकास कार्य गति पकड़ते ही आवंटियों ने मांगे भूखंड
मधुबन-बापूधाम में विकास कार्य गति पकड़ते ही आवंटियों ने मांगे भूखंड

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : धुबन-बापूधाम में विकास कार्य के गति पकड़ते ही आवंटियों ने जीडीए से भूखंड मांगने शुरू कर दिए हैं। रोजाना आवंटी चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों उन्हें दो-तीन महीने में भूखंड दिलाने का आश्वासन दिया है।

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जीडीए ने वर्ष 2004-05 में मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना की प्लानिग की थी। यहां आवासीय, कॉमर्शियल, औद्योगिक विकास के लिए गांव सदरपुर प्रथम व द्वितीय, रसूलपुर-याकूतपुर, महिउद्दीनपुर-मैनापुर और नंगलापाट की 1234 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी। यहां 40 से 450 वर्ग मीटर के कुल 2316 प्लॉट काटे थे। उनमें से 762 प्लॉट किसानों के लिए रखे गए थे। बचे हुए 1554 प्लॉटों को तीन स्कीम निकाल कर बेचे गए थे। उस वक्त 200 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के प्लॉट खरीदने वालों को तत्काल भूखंड संख्या समेत आवंटन पत्र दे दिया गया था। यहां की भूमि अधिग्रहण का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण 40, 60 और 150 वर्ग मीटर के प्लॉट खरीदने वालों को भूखंड संख्या आवंटित नहीं हुई थी। उनके लिए प्लॉट आरक्षित कर दिए गए थे। बगैर भूखंड संख्या लिखे आवंटन पत्र दिए गए थे। अब मधुबन-बापूधाम में ज्यादातर जमीन जीडीए के हाथ आ चुकी है। सड़कों का विकास कार्य शुरू हो चुका है। आवंटियों ने अपने भूखंड की दरकार करनी शुरू कर दी है। रोजाना आवंटी भूखंड संख्या आवंटित करने के लिए चक्कर काट रहे हैं।

मधुबन-बापूधाम में विकास कार्य चल रहा है। मूलभूत सुविधाओं के विकसित होते ही आवंटियों को भूखंड संख्या आवंटित कर दी जाएगी। इसमें दो-तीन महीनों का वक्त लगेगा।

- संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए


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