जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : अपर जिला न्यायालय-4 ने सोमवार को लोनी में रोडरेज के बाद युवक की हत्या करने वाले आरोपित को 10 साल की सजा सुनाई है। न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा की अदालत ने आरोपित को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाया। साथ ही अदालत ने आरोपित पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बिरेश कुमार त्यागी ने बताया कि एक सितंबर 2013 को लोनी की बलरामपुर कालोनी में रहने वाला सैंकी उर्फ सागर अपने दोस्त के साथ बाइक पर सवार होकर बलरामनगर जा रहा था। रास्ते में उसकी बाइक मोहित से टकरा गई थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। झगड़ा होता देख वहां से जा रहे राहगीरों ने दोनों के बीच में आकर समझौता कराया। इसके बाद मोहित एक बार फिर झगड़ा करने के लिए सैंकी के घर पहुंच गया, जिसके बाद उसने धारधार हथियार से सैंकी पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान सैंकी ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद सैंकी के परिजनों ने मोहित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में सोमवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने पेश सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर मोहित को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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