जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : देहात क्षेत्र में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पुलिस कागजी अभियान तक ही सीमित है। हालात यह हैं कि वर्तमान में पुलिस की बीट व्यवस्था गांवों में ध्वस्त हो चुकी है। इस समय ग्रामीण क्षेत्र में अपराध रोकने के लिए तीन गांवों की बीट पर मात्र एक ही पुलिसकर्मी मौजूद है। अब इसे दुरुस्त करने के लिए गांवों में ग्राम सुरक्षा समितियों को सक्रिय किया जा रहा है। चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह रात में अपने क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक गांव की गश्त करेंगे। वहीं बीट सिपाही आवंटित तीन गांवों में से एक दिन एक गांव में गश्त करेंगे। सुरक्षा समितियों के सदस्यों की गांव में सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी तय की जाने लगी है। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर ग्राम सुरक्षा समितियों को सक्रिय करने पर चर्चा कर रही है। चौकी प्रभारी और बीट सिपाही के संपर्क में रहेंगी समितियां : ग्राम सुरक्षा समितियां लगातार संबंधित चौकी प्रभारी व बीट कांस्टेबल के संपर्क में रहेंगी। समितयों में युवाओं को रखा जाएगा और हर रात गांव के चार नौजवान गांव में पहरा देंगे। जिन गांवों में चौकीदार की व्यवस्था है, वहां इनके साथ चौकीदार भी मौजूद रहेंगे। सुरक्षा के साथ युवा गांव की गतिविधियों से भी पुलिस को अवगत कराएंगे।

रोस्टर के हिसाब से होगी सुरक्षा : गांवों में रात की सुरक्षा के लिए युवाओं को चिह्नित किया जाएगा। इनकी सूची पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद इनकी रोस्टरवार ड्यूटी लगाई जाएगी। नौजवान अपने-अपने गांव में रातभर पहरा देंगे। देहात क्षेत्र में बढ़ रहे अपराध के मद्देनजर लागू की जा रही व्यवस्था : देहात क्षेत्र में पिछले कुछ समय में बढ़ रहे अपराध के मद्देनजर यह व्यवस्था लागू की जा रही है। हाल में ही कई गांवों में मंदिरों में डकैती, लूट, चोरी, हत्या जैसी संगीन वारदात बढ़ी हैं। इसके बाद यह निर्णय लिया गया है। वर्जन..

देहात क्षेत्र में ग्राम सुरक्षा समितियों को सक्रिय किए जाने के लिए थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए उन्होंने गांवों में संपर्क कर बैठक करनी शुरू कर दी है। आने वाले कुछ दिनों में ही यह व्यवस्था पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी।

-डा. ईरज राजा, एसपी देहात।

Edited By: Jagran