जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : साईं उपवन के 60 हजार पौधों की 'मौत' गंदे पानी में डूबने पर दम घुटने से हुई है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सीवर और नाले के गंदे पानी को पौधों के नष्ट होने की वजह माना गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी पड़ताल करेगी कि सीवर और नाले का पानी ओवरफ्लो होकर उपवन तक कैसे पहुंचा। उन लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची बनाई जाएगी, जिनके ध्यान न देने की वजह से पौधे सूख गए।

नगर निगम में 19 अगस्त हो हुई कार्यकारिणी बैठक में मेयर आशा शर्मा ने साईं उपवन के 60 हजार पौधे सूखने का गंभीर मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि प्रदूषण के मामले में गाजियाबाद पूरे देश में बदनाम हो रहा है। पौधारोपण करके इस कलंक को धोने का प्रयास किया जा रहा है। लगाए जा रहे पौधों की देखभाल ठीक से न होने की वजह से साईं उपवन में इतनी बड़ी संख्या में पौधे सूख गए। इस मुद्दे पर नगर निगम की तरफ से प्रारंभिक जांच कराई गई। उसमें सामने आया कि महामाया स्पो‌र्ट्स स्टेडियम के पीछे और साईं उपवन में एक दशक में पौधे सूखे हैं। कहीं से नाले और सीवर का पानी ओवरफ्लो होकर आने की वजह से पौधे गल गए और सूख गए। यहां सवाल उठता है कि इस पानी को रोका क्यों नहीं गया? भरे हुए पानी को साफ क्यों नहीं किया गया? अब इन दोनों बिदुओं पर नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच बैठा दी है। इसमें लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को चिह्नित किया जाएगा। फिर उन पर कार्रवाई की जाएगी।

अब भी भर जाता है पानी

साईं उपवन में अब भी आए दिन पानी भर जाता है। नाले और सीवर का पानी ओवरफ्लो होकर उपवन में भर जाता है। जिससे बड़े पेड़ों को भी नुकसान पहुंच रहा है। पिछले दिनों ओवरफ्लो होकर गंदा पानी हिडन ईको पार्क तक पहुंच गया था। कई दिनों तक पानी भरे रहने से पार्क खराब हो गया था।

पौधों के सूखने का मामला गंभीर है। तभी इस मुद्दे को मैंने उठाया। शुरुआती जांच के बाद इस मामले में विस्तृत जांच कराई जा रही है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

- आशा शर्मा, मेयर

Posted By: Jagran

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