जासं, गाजियाबाद : एक ही मोबाइल नंबर से लिक कारोबारी के चालू व बचत खाते के डेबिट कार्ड क्लोन कर 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। ठगी के करीब तीन हफ्तों बाद एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित के मुताबिक रुपये एटीएम से निकाले गए हैं, लेकिन बैंक ने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है, कि रुपये किस बैंक के एटीएम से और कहां निकाले गए हैं।

दोनों कार्ड कर लिए क्लोन

राजनगर एक्सटेंशन स्थित गौर कास्केड निवासी आलोक कुमार माथुर शू-पॉलिस बनाने की एक फर्म चलाते हैं। मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र में उनकी फर्म है। आलोक का बचत और फर्म का चालू खाता आरडीसी स्थित पीएनबी की शाखा में है। दोनों ही खाते एक ही मोबाइल नंबर से लिक हैं। तीन जून की रात पौने 10 बजे के बाद 10 मिनट में उनके मोबाइल पर छह मैसेज आए। दोनों खातों से तीन-तीन बार ट्रांजैक्शन की गई, जिनमें कुल 25-25 हजार रुपये दोनों खातों से एटीएम से निकाले गए थे। उनका कहना है कि दोनों कार्ड कैसे क्लोन किए जा सकते हैं, इस बारे में बैंक अधिकारी भी कुछ नहीं बोल रहे। आरोप है कि रात 11 बजे उन्होंने बैंक के टॉल-फ्री नंबर पर कॉल की तो एग्जेक्यूटिव ने उन्हें कहा गया कि शायद पैसे वापस आ जाएं। एसएसपी से की शिकायत के बाद साइबर सेल ने मामले की जांच की और फिर कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। कविनगर एसएचओ राजकुमार शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर बैंक से एटीएम की जानकारी मंगाई गई है। फुटेज से पहचान कर आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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Posted By: Jagran

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