जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : पेयजल की किल्लत दूर करने के लिए अब जिले के पांच विधायकों के कोटे से हैंडपंप लगाए जा रहे है। वित्त वर्ष 2018-19 के बजट के सापेक्ष अब तक 375 हैंडपंप लगवाए गए है। शासन के आदेश पर उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा हैंडपंप लगाने का कार्य किया जा रहा है। मार्च के अंत तक जिले में कुल 535 हैंडपंप लगाए जाने है। यूपी जल निगम ने पांचों विधायकों से अवशेष हैंडपंप लगाने के लिए स्थलों की सूची मांगी है। साहिबाबाद विधायक द्वारा अभी तक सूची नहीं भेजी है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2019-20 के लिए विधायकों से अलग से सूची मांगी गई है। यूपी जल निगम के अधिशासी अभियंता भारत भूषण ने बताया कि एक हैंडपंप लगाने पर अनुमानित 41 हजार की लागत आती है। हैंडपंप विधायकों की संस्तुति पर ही सार्वजिनक स्थलों पर लगाए जा रहे है। उनके मुताबिक बीस ऐसी जगहों पर हैंडपंप प्रस्तावित कर दिए गए हैं, जो विवादित जमीन है। इनकों को लेकर पेंच फंस गया है। अब इनकी जगह बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

राज्यमंत्री के अनुरोध पर लगाए गए आठ समर्सिबल

नगर विधायक एवं प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग के अनुरोध पर शहर के कुछ इलाकों में हैंडपंपों की जगह समर्सिबल लगाए गए है। प्रस्तावित किए गए 11 में से आठ समर्सिबल लगाए जा चुके हैं। दो में बिजली कनैक्शन का एस्टीमेट अटका हुआ है।

गर्मी शुरू होने से पहले साहिबाबाद, गाजियाबाद, मुरादनगर, लोनी एवं मोदीनगर में विधायक कोटे से जुड़े हैंडपंप लगवाने का लक्ष्य है। एक विधायक के कोटे से सौ हैंडपंप लगाए जाने है। अब तक 375 हैंडपंप लगवाए जा चुके है। बीस स्थलों को लेकर विवाद हो गया है।

- भारत भूषण, अधिशासी अभियंता, यूपी जल निगम।

Posted By: Jagran

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