जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: गरीबी में जी रही किशोरी को कथा वाचन सिखाने के बहाने अपने पास रखने वाले दुष्कर्मी कथावाचक को न्यायालय ने आठ साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया है। कथावाचक बाल्यावस्था में उसे अपने पास ले आया और फिर उसके साथ 11 साल तक दुष्कर्म करता रहा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आगरा के शमसाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले परिवार के मुखिया सड़क हादसे में एक पैर कटने से असहाय हो गए। इसके बाद उनका परिवार गरीबी में जीने लगा। करीब 12 साल पूर्व यह परिवार फीरोजाबाद आकर मेहनत मजदूरी करने लगा। इनकी मुलाकात मुहल्ला जैन नगर में मक्खनपुर के गांव बिरामई निवासी कथावाचक रमेश से हुई। रमेश ने परिवार की किशोरी को यह कहते हुए सौंपने को कहा कि वह उसे सिखाकर अच्छा कथावाचक बना देगा। परिजन उसके झांसे में आ गए और उसे अपने साथ रखने लगा। आरोप है कथावाचक ने किशोरी से काम कराया। यही नहीं उसके साथ 11 साल से लगातार दुष्कर्म करता रहा। किशोरी ने 25 साल की उम्र होने पर अपने परिजनों को कथावाचक की असलियत बताई। 29 नवंबर, 2016 को मक्खनपुर थाने में रमेश के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप पत्र न्यायालय पेश किया गया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-एक) में हुई। शासन की ओर से एडीजीसी रघुराज ¨सह यादव ने पैरवी करते हुए आरोपी को सजा दिलाने की अच्छी पैरवी की। न्यायाधीश जय¨सह पुंढीर ने आरोपी रमेश को आठ साल की सजा व दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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