फीरोजाबाद, जागरण संवाददाता। श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र नगला पचिया में जेड़ाझाल परियोजना के तहत पाइप लाइनें तो बिछा दी, लेकिन अभी तक गंगाजल की आपूर्ति नहीं हो सकी है। पानी के अभाव में महिलाएं, पुरुष नहाने, धोने को भी तरस रहे हैं। आलम यह है, सुहाग नगर से जाने वाली मुख्य सड़क से जुड़ी 20 लिक गलियों में पिछले दस वर्ष से पानी की आपूर्ति बंद है। यहां के लोग प्राइवेट सबमर्सिबल पर निर्भर रहते हैं। कहीं दो सौ तो कहीं तीन सौ रुपये प्रतिमाह देने के बाद भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है।

नगर निगम के वार्ड नंबर 36 में नगला पचिया आता है। 10 से 12 हजार आबादी वाले इस क्षेत्र में अधिकांश लोग मजदूरी पर निर्भर हैं। वर्षों बीत गए, लेकिन यहां पानी का इंतजाम नहीं हो सका। गुरुवार को जागरण टीम ने पानी की बिगड़ी कहानी अभियान के तहत क्षेत्र में पहुंची, तो अधिकांश घरों में खाली बर्तन रखे हुए थे। गली नंबर दो निवासी गीता देवी ने बताया कि पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। किसी तरह रसोई का काम निपटता है तो नहाने, धोने का काम रह जाता है। प्राइवेट सबमर्सिबल स्वामियों को प्रति माह रुपये देने के बाद भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है। नंदकिशोर ने बताया कि छह माह पूर्व जेड़ाझाल परियोजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई थी। अभी तक गंगाजल आने की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी है। नई आबादी क्षेत्र में पानी की समस्या है। इस संबंध में कई बार जलकल अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन अभी तक यथा स्थिति बनी हुई है।

फूलमाला, पार्षद गर्मी के दिनों में पानी की समस्या बढ़ जाती है। जिन क्षेत्रों से शिकायत आती है, वहां पानी के टैंकर भेजे जाते हैं। नगला पचिया में जेड़ाझाल की पाइप लाइन डाली जा चुकी है। कार्य पूर्ण होने के बाद आपूर्ति शुरू होगी।

चंदन सिंह, एक्सईएन, जलकल

Posted By: Jagran

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