जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने वालों को लापरवाही का दर्द मिल रहा है। इसका उदाहरण है जिला अस्पताल में पैर की हड्डी टूटने के बाद भर्ती कराया गया एक व्यक्ति। उसने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने व सही उपचार न करने का आरोप लगाया है। इसके चलते उसे पीड़ा सहनी पड़ रही है।

गांव मोढ़ा निवासी राजवीर (40) पुत्र छविनाथ 28 नवंबर को सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। शिकोहाबाद से घर लौटते समय शिकोहाबाद रेलवे पुल के पास उनके एक पैर की हड्डी टूट गई थी। आयुष्मान योजना का लाभार्थी होने की वजह से परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वार्ड पांच में भर्ती राजवीर ने बताया कि एक सप्ताह पहले उसके पैर का ऑपरेशन डॉ. अनीस कुमार ने किया। रॉड डालते समय पैर की दूसरी पतली हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। पैर का दर्द ठीक नहीं होने पर उसने दोबारा एक्सरे कराया तो उसे इसका पता चला। इसके बाद भी संबंधित डॉक्टर इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उसने इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन से भी की है। इलाज हो जाए तो चला जाऊं घर

राजवीर ने बताया कि वह अस्पताल के इलाज से संतुष्ट नहीं है। यहां भर्ती रहने से परिवार के एक सदस्य को हर वक्त उसके साथ रहना पड़ता है। ठीक तरह इलाज हो जाए तो वह घर चले जाएं। राजवीर के पैर की दूसरी हड्डी भी पहले से टूटी हुई थी। बड़ी हड्डी का ऑपरेशन कर दिया, लेकिन इस छोटी हड्डी का ऑपरेशन नहीं किया जा सकता।

डॉ. अनीस कुमार, आर्थाेपेडिक सर्जन

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