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फिरोजाबाद जैन मंदिर का कायाकल्प: 1.28 करोड़ से 80% काम पूरा, 42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा है मुख्य आकर्षण

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:33 PM (IST)

फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर में 1.28 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्य 80% पूरे हो ...और पढ़ें

छदामी लाल जैन मंदिर : जागरण

छदामी लाल जैन मंदिर : जागरण

HighLights

  1. छदामी लाल जैन मंदिर में 1.28 करोड़ का विकास कार्य 80% पूर्ण।

  2. बहुउद्देश्यीय सभागार, डारमेट्री जैसी नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

  3. 42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा पर्यटकों और श्रद्धालुओं का मुख्य आकर्षण।

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। जैन पर्यटन सर्किट को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। शहर की पहचान छदामी लाल जैन मंदिर में पर्यटन सुविधाओं के विकास का काम तेजी से चल रहा है। 1.28 करोड़ रुपये की परियोजना का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। महीने के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, डारमेटरी और म्यूरल वाल समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

सभागार और डारमेटरी का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो गया है, जबकि म्यूरल वाल का काम 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ठहरने, आयोजन तथा अन्य गतिविधियों की सुविधाएं बढ़ेंगी।

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छदामी लाल जैन मंदिर : जागरण

जैन विरासत को संवार कर पर्यटन से जोड़ रही प्रदेश सरकार

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार समृद्ध जैन विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। जैन तीर्थ और विरासत स्थल प्रदेश के पर्यटन सर्किट का अहम हिस्सा हैं। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ उनकी धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य विरासत को सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि पर्यटक यहां जैन संस्कृति और विरासत से रूबरू हो सकें।

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42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा आकर्षण का केंद्र

छदामी लाल जैन मंदिर अपनी स्थापत्य कला और आध्यात्मिक महत्व के लिए देश में पहचान रखता है। मंदिर में भगवान बाहुबली की 42 फुट ऊंची पत्थर की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। इसे उत्तर भारत की प्रमुख बाहुबली प्रतिमाओं में शुमार किया जाता है। मंदिर की इसी खासियत को देखने के लिए उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

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64 पहाड़ियां पार कर पहुंची बाहुबली प्रतिमा

कर्नाटक के कारकल से 42 फुट ऊंची बाहुबली प्रतिमा को लाने की कहानी भी खास है। सेठ छदामी लाल के प्रयासों से विशेष ट्राली के जरिए प्रतिमा को तीन महीने में यहां लाया जा सका था। इस दौरान ट्राली ने 64 पहाड़ियों का सफर तय किया। मंदिर के निर्माण में करीब 10 वर्ष लगे। वर्ष 1947 में सेठ छदामी लाल ने मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की।