इंसानियत का फर्ज निभाते हैं ये धरती के ‘भगवान’

हैडर-डाक्टर्स डे पर विशेष जासं, फिरोजाबाद: डाक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है। मर्ज से तड़पता मरीज राहत मिलते ही इस अनुभव भी करता है। कई डाक्टर ऐसे हैं जो इलाज से पहले ही मरीजों को राहत देते हैं। कोई सप्ताह में एक दिन ओपीडी फ्री रखता है तो कोई सैनिकों और दिव्यांगों से परामर्श शुल्क नहीं लेता। एक डाक्टर गरीबों के लिए रसोई चलाते हैं। डाक्टर्स डे पर दैनिक जागरण की विशेष रिपोर्ट...। ------ सैनिकों के लिए सात साल से ओपीडी फ्री वरिष्ठ सर्जन डा. अपूर्व चतुर्वेदी सैनिकों से परामर्श शुल्क नहीं लेते। सैनिकों के लिए उनकी ओपीडी सात साल से फ्री है। इसके पीछे डा. चतुर्वेदी का तर्क है कि सैनिक अपने जीवन का सबसे कीमती समय घर-परिवार से दूर बिताते हैं। इसलिए हमारा फर्जी है कि हम उनकी और उनके परिवार की जितनी संभव हो उतनी मदद करें। --- गरीबों के रसोई चला रहे डा. गौरव अग्रवाल ओम हास्पीटल के संचालक और वरिष्ठ सर्जन डा. गौरव अग्रवाल गरीब मरीजों की मदद के साथ गरीबों के लिए रसोई भी चलाते हैं। डा. गौरव भारतीय लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष हैं। ये समिति रोज 80 से 100 लोगों को पांच रुपये में भोजन कराती है। हास्पीटल में सर्वाइकल कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों के निश्शुल्क जांच शिविर हर महीने लगते हैं। ----- दिव्यांगों की फीस वापस कर देते हैं डा. अगोर चर्म रोग एवं लेजर सर्जरी विशेषज्ञ डा. अविनाश अगोर दिव्यांग मरीजों से परामर्श शुल्क नहीं लेते। वह पिछले पांच साल से ऐसा कर रहे हैं। उनका कहना उनके सामने कोई दिव्यांग मरीज आता है तो वह काउंटर पर जमा कराई गई फीस वापस करा देते हैं। डा. अगोर का कहना है कि हमें समाज के लिए भी कुछ न कुछ करना चाहिए। ---- शनिवार को फ्री रहती है डा. मिली अग्रवाल की ओपीडी फिरोजाबाद क्लब के पास कमलेश नर्सिंग होम चलाने वाली स्त्री रोग विशेष डा. मिली अग्रवाल के यहां हर शनिवार को ओपीडी फ्री रहती है। ये सिलसिला पिछले सात साल से चल रहा है। इसके पीछे उनका तर्क है कि रुपये के अभाव में कोई भी मरीज सही परामर्श से वंचित नहीं रहना चाहिए। समाज के लिए उन्होंने ये व्यवस्था की है। --------- -इस होम्यापैथी चिकित्सालय में परामर्श के साथ दवा भी फ्री कृष्णापाढ़ा स्थित द्वारिकाधीश मंदिर परिसर में 12 साल से चल रहा सेवार्थ होम्योपैथी चिकित्सालय गरीबों को परामर्श के साथ दवा भी फ्री में देता है। जो समर्थ हैं, उन्हें एक सप्ताह की दवा केवल 30 रुपये में दी जाती है। डा. अरुण सक्सेना और प्रबंधक ब्रजेश मित्तल पूरी निष्ठा से इस चिकित्सालय का संचालन कर रहे हैं।

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