संवाद सहयोगी, टूंडला: राजस्थान के कोटा में हलवाई का काम करने वाले सकीट (एटा) के नीतेश कुमार के चेहरे पर आधी रात के अंधेरे भी दिन के उजाले से उम्मीदें थीं। वह साढ़े चार महीने पहले गांव से गए थे, उसके बाद लॉक डाउन में फंस गए। वो समय उनका मुश्किलों में बीता, लेकिन टूंडला आने के बाद उन्हें यकीन हो गया कि यहां तक आ पहुंचे हैं तो घर भी सकुशल पहुंच जाएंगे। ऐसा हुआ भी। रेलवे और प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था के बीच उन्हें रोडवेज बस से एटा की ओर रवाना कर दिया गया।

बुधवार रात पौने दो बजे नीतेश श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 117 प्रवासियों के साथ उतरे थे। ट्रेन तय समय से दो घंटे देरी से आई थी। प्रवासियों को ट्रेन से उतरते ही चाय नाश्ता कराया गया। उनकी थर्मल स्क्रीनिग हुई और सामान को सैनिटाइज कराया गया। स्टेशन परिसर में ही जिलेवार सात काउंटर लगे थे। वहां से उन्हें बसों से उनके जिलों के लिए रवाना कर दिया गया। प्रशासन के पास ट्रेन से 390 प्रवासियों के आने की सूचना थी। उसी के अनुसार इंतजाम किए गए थे, लेकिन आए 118 ही। 272 प्रवासियों ने काम धंधे चालू होने के कारण टिकट बुक होने के बाद भी आने से मना कर दिया।

प्रवासियों को सकुशल उतारने और घर भेजने के लिए सीओ अजय चौहान, तहसीलदार डॉ. गजेंद्र पाल सिंह 11 बजे ही स्टेशन पहुंच गए थे। उनके साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी ट्रेन के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन इस ट्रेन से पहले दूसरी ट्रेन आ गई। उससे 47 प्रवासी उतरे। उन्हें भी भिजवा दिया गया। कोटा से आए प्रवासियों ने बताया कि वहां से ट्रेन शाम करीब साढ़े सात बजे चली थी। स्टेशन पर ही खाने का पैकिट, एक बिस्किट का पैकेट व पानी की बोतल दी गई। यात्रा टिकट भी बिना कोई पैसा लिए उपलब्ध कराया गया। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार, जीआरपी इंस्पेक्टर एसके पौनियां, आरपीएफ इंस्पेक्टर अमित यादव मौजूद रहे।

-स्टेशन पर हर रोज लगेगी कर्मचारियों की ड्यूटी मंगलवार को स्टेशन पर बिना जानकारी आने वाले युवक-युवतियों ने स्टेशन पर हंगामा किया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने 30 अधिकारी, कर्मचारियों की ड्यूटी स्टेशन पर लगाई है। अब किसी भी ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को जांच के बाद बसों से उनके घरों तक छोड़ा जाएगा। लेखपाल, पालिका कर्मचारी व स्वास्थ्य विभाग की टीम इसका हिस्सा रहेगी।

-ट्रेन में इन शहरों के आए यात्री

कोटा से आने वाली ट्रेन में आगरा के 18, फीरोजाबाद के 23, मैनपुरी के 27, एटा के 18, कासगंज के चार, अलीगढ़ के 19, हाथरस के छह व मथुरा के मात्र तीन यात्री आए। बसों में इनके साथ सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी भेजे गए।

Posted By: Jagran

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