संवाद सहयोगी, शिकोहाबाद (फीरोजाबाद): मुहल्ला काजी टोला में एससी युवक की समुदाय विशेष के लोगों द्वारा पीट-पीटकर की गई हत्या के दूसरे दिन तनाव पैदा हो गया। पोस्टमार्टम बाद शव शिकोहाबाद पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाया, लेकिन वे डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। कई घंटे बाद परिजन माने और उसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।

मुहल्ला काजी टोला निवासी 30 वर्षीय विद्याराम कठेरिया की मंगलवार शाम छह बजे पड़ोसी समुदाय विशेष के युवकों ने मामूली बात पर घर से खींचकर पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना से क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया। देर रात तहरीर पर परवेज, रोहिल और यूसुफ समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। रातभर पुलिस टीमें दबिशें देती रहीं, लेकिन कोई हाथ नहीं आ सका। कई परिचित व रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। समुदाय विशेष के लोगों द्वारा की गई हत्या से समाज के लोगों में आक्रोश पैदा हो गया। एहतियात के तौर पर पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। बुधवार को सपा के पूर्व जिपं अध्यक्ष रमेश चंचल, बंटू कठेरिया के अलावा जिला पंचायत सदस्य श्याम ¨सह कठेरिया, जमुना कठेरिया, महेश, सुजीत ¨सह, शिवकुमार आदि समाज के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मृतक के परिजनों से बातचीत की। दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम बाद शव जैसे ही काजी टोला पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। रिश्तेदार आदि भी आ गए। परिजनों ने शव को घर के बाहर रोड पर रखते हुए अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। आरोपितों की गिरफ्तारी न होने तक अंतिम संस्कार न करने की शर्त पर पुलिस के होश उड़ गए। परिजनों ने जमकर हंगामा किया। एसडीएम अंबरीश ¨वद एवं सीओ संजय रेड्डी ने उन्हें समझाया, लेकिन वे डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। काफी देर तक परिजन हंगामा करते रहे। एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर वे माने। इसके बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर एसडीएम अंबरीश कुमार ¨बद, सीओ सदर अभिषेक कुमार राहुल, सीओ जसराना प्रेमप्रकाश यादव, भाजपा नेता डॉ. रामकैलाश यादव, नगर अध्यक्ष अनिल शर्मा, पालिकाध्यक्ष पति अब्दुल वाहिद, सतीश चंद्र यादव, ब्रजेश यादव बाजा, सुशील यादव आदि लोग मौजूद रहे।

---- यह मिली मदद राशि:

एसडीएम अंबरीश ¨बद ने मृतक के परिजनों को साढ़े आठ लाख रुपये, कांशीराम आवास और पारिवारिक सहायता राशि 30 हजार रुपये की घोषणा की। इस पर परिजन लिखित में आश्वासन देने की मांग करने लगे। परिजनों के विरोध पर भाजपा नेताओं ने समझाया तब जाकर वे अंतिम संस्कार को तैयार हुए।

---------- आरोपितों की दबंगई से दहशत में था परिवार:

मृतक के भाई देवीराम ने बताया कि पड़ोसी समुदाय विशेष के आरोपितों का मकान उनके मकान से लगा हुआ है। कई महीनों से आरोपित अपनी छत के बजाय हमारे घर की छत पर रात्रि में सोते थे। मना करने पर वह नहीं मानते और धमकी देते थे। इसी के चलते एक माह पूर्व आरोपितों ने मृतक विद्याराम को छेड़छाड़ का आरोप लगाकर पुलिस से पकड़वाकर थाने की हवालात में बंद करा दिया था। अगले दिन भाई को छुड़ाकर लाए थे। इसके बाद भी वे हमारी छत पर सोना नहीं छोड़े। देवीराम ने बताया कि भाई विद्याराम इसका विरोध करते थे। मंगलवार शाम भाई मुझसे इसी बात को लेकर झगड़ रहे थे कि इसी दौरान आरोपित आ गए और उन्होंने भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

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शव देख अचेत हुई पत्नी:

जैसे ही शव घर पहुंचा मृतक की पत्नी बेबी दहाड़ें मारकर रोने लगी। कुछ ही देर में वह अचेत होकर गिर पड़ी। हत्या के बाद मृतक की पत्नी बेबी पर दो बेटी शुभम व मुस्कान व बेटे पीके व जीतू की जिम्मेवारी आ गई है। बच्चे भी बिलख रहे थे। वे कह रहे थे कि पापा को क्या हुआ है। पिता रामबाबू बेटे की लाश पर रो रहे थे। गमजदा माहौल देख वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे।

------------ साहब मुझे मार दो, लेकिन हमें इंसाफ दो

मृतक विद्याराम के साले सोनू का रो-रोकर बुरा हाल था। वह रोते हुए कह रहे थे कि साहब मुझे मार दो, लेकिन हमें हमारे जीजा का इन्साफ दे दो। अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।

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