जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद : 'साब. हम क्या करें? पड़ोस के स्कूल में एमडीएम में रोटी-सब्जी बनती है, मगर हमारे स्कूल में रोज चावल ही बनते हैं। दूध भी अच्छा नहीं मिलता है। मैडम से रोटी मांगें तो वो कैती हैं फौज कूं गूझा कां ते लाऊं..।'

बुधवार को सदर तहसील परिसर में सुबह करीब ग्यारह बजे एसडीएम देवेंद्र कुमार अपने दफ्तर में बैठे थे। तभी पांच बच्चे आ गए। बच्चों ने जो बताया, उसे सुनकर वे भी दंग रह गए। ये बच्चे प्राथमिक स्कूल ककरऊ कोठी स्थित प्राथमिक विद्यालय के थे। बच्चों ने अपने साथ लाए टिफिन को खोला और एसडीएम को दिखाया। बताया कि हमारे यहां मिड डे मील (एमडीएम) में रोज चावल ही बनते हैं। जबकि पड़ोस के स्कूल में रोटी भी मिलती हैं। बताया कि वे स्कूल से बहाना बनाकर यहां आ गए। शिकायत की तो पीटूंगी

बच्चे कह रहे थे कि मैडम कहती हैं कि अधिकारी आएं तो शिकायत मत करना, वरना पीटूंगी। बच्चों ने स्कूल में किताबें न मिलने की भी शिकायत की।

आज दूध भी नहीं मिला

एमडीएम के मैन्यू के अनुसार बुधवार को प्राथमिक विद्यालय में उबला दूध और तहरी मिलनी थी। तहरी तो खराब थी ही, दूध भी नहीं मिला। बॉक्स::

उप्रावि के बच्चों ने दिखाई राह :

प्रावि ककरऊ के पड़ोसी उप्रावि के बच्चों ने बीते दिनों तहसील दिवस में पहुंच स्कूल के हालात बताए थे। एसडीएम ने खंड शिक्षाधिकारी को मौके पर भेज जांच कराई तो कई शिकायतें सही मिली थीं। प्रावि ककरऊ के पांच बच्चों ने एमडीएम और किताबें न मिलने की शिकायत की। शिक्षिका द्वारा पिटाई करने की भी बात बताई। मामले की जांच कराई जा रही है।

देवेंद्र कुमार, एसडीएम

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