फीरोजाबाद, जासं: सर्दी के मौसम में स्वच्छ हवा में लोग खुल कर सांस ले सकें। इसके लिए सरकार ने भले ही हाट-स्पाट चिन्हित कर प्रदूषण की रोकथाम को ठोस उपाय करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन पीसीबी के लिए इन स्थलों से प्रदूषण घटाना बड़ी चुनौती होगा।

सुहाग नगरी में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए नए उद्योग लगाने व क्षमता विस्तार पर पांच साल से बैन लगा है। उद्यमियों के लाख प्रयास के बावजूद टीटीजेड में लगी रोक अब तक नहीं हट सकी है। कोरोना काल में वायु प्रदूषण स्टैंडर्ड मानक से घटकर भले ही नीचे आ गया, लेकिन सर्दी की दस्तक के साथ सरकार को वायु प्रदूषण बढ़ने की चिता सताने लगी है। अनलाक के बाद औद्योगिक व व्यवसायिक गतिविधियां तेज होने के साथ सड़कों पर फुल स्पीड वाहन दौड़ रहे हैं। निर्माण कार्यों में तेजी आने के साथ होटल, ढाबों व दुकानों पर कोयले से भट्ठियां भी सुलगने लगी हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ने के आसार बढ़ गए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो सर्दी में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। -प्रदेश के 16 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शामिल है सुहाग नगरी: पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा प्रदेश में 16 सर्वाधिक प्रदूषित शहर चिन्हित किए गए हैं, जिसमें सुहाग नगरी का नाम भी शामिल है। इन शहरों में सर्वाधिक प्रदूषण वाले हाट-स्पाट चिन्हित कर प्रदूषण रोकने की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। - टीटीजेड में यह चिन्हित हुए दस हाट-स्पाट: राजा का ताल तिराहा, ढोलपुरा, नगला बरी, रसूलपुर थाना, जिला मुख्यालय, आसफाबाद बंबा चौराहा, सिक्सेलन कोटला रोड, सिक्सलेन जलेसर रोड, स्टेशन रोड व सुहाग नगर। -पीसीबी ने संकलित किए रोड डस्ट के नमूने: शासन से पत्र आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसे दस स्थलों का चयन किया है, जहां सर्वाधिक वाहनों का आवागमन होता है। इन स्थलों से रोड डस्ट के नमूने संकलित किए गए हैं, उनकी प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। -सर्दी में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए दस हाट-स्पाट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थलों प्रदूषण घटाने में नगर निगम, एआरटीओ, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों की मदद ली जाएगी।

- मनोज कुमार चौरसिया, क्षेत्रीय अधिकारी पीसीबी

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस