जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: बुधवार की रात 12 बजे करीब जब ग्रामीण गहरी नींद सोए हुए थे, अचानक दर्जनों गांव अंधकार में डूब गए। बिजली जाते ही ग्रामीणों की नींद टूट गई। सुबह जागने पर पानी का संकट खड़ा हो गया। इसके चलते दूरदराज क्षेत्रों में दौड़ लगानी पड़ी।

मटसेना सबस्टेशन पर रात 12 बजे केबल बॉक्स जल गया। इससे मटसेना, नूगला चूरा व लुहारी सबस्टेशन से जुड़े 200 गांव अंधकार में डूब गए। दर्जनों गांव की बत्ती गुल होने पर मटसेना के अवर अभियंता डोरीलाल ने टीम को बुलाकर केबल बॉक्स भरने का कार्य शुरू कराया। रात डेढ़ बजे केबल बॉक्स ठीक कर सप्लाई चालू कराई तो सबस्टेशन पर स्थापित ट्रांसफारमर तेज आवाज करने लगे। ट्रांसफारमर फुंकने की आशंका को देखते हुए पुन: सप्लाई बंद करा दी गई। जिससे रातभर सभी गांव अंधकार में डूबे रहे। बिजली के अभाव में कूलर, पंखे न चलने पर ग्रामीण रातभर सो नहीं सके। कूलर-पंखा बंद होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया। मच्छरों से बचने को कॉयल जलानी पड़ी, परंतु राहत नहीं मिली। सुबह जागते ही घरों में पानी का संकट खड़ा हुआ। पशुओं के लिए भी नहीं मिला तो ग्रामीणों को दूर-दूर तक दौड़ना पड़ा।

विद्युत विभाग द्वारा सुबह आठ बजे फाल्ट खोजने को टीम द्वारा पेट्रोलिग कराई गई, परंतु लाइन पर कहीं फाल्ट नहीं मिला। जेई धर्मेंद्र राजपूत, डोरीलाल, रामयज्ञ द्वारा 220 केवी सबस्टेशन पर संपर्क किया गया। टीम ने आसफाबाद सबस्टेशन पर पहुंचकर काफी देर तक फॉल्ट खोजने का प्रयास किया तो वहां 33 केवी लाइन के ब्रेकर में फाल्ट मिला। कर्मचारी काफी देर तक ब्रेकर ठीक करने में जुटे रहे। तब कहीं जाकर 24 घंटे के गांव की सप्लाई बहाल हो सकी।

Posted By: Jagran

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