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टूंडला,संवाद सहयोगी। बेटी की विदाई के दूसरे दिन खेत में पड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। घटना उस समय हुई जब किसान पत्नी के साथ वोट डालने गया था। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन कुछ नहीं बचा।

थाना नगला सिघी क्षेत्र के गांव रसूलाबाद बाग निवासी मानिकचन्द्र पुत्र बक्सीराम की दो बेटियों मिथलेश और सर्वेश की रविवार को शादी थी। सोमवार को विदाई के बाद मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह पत्नी रेणुका देवी के साथ उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलाबाद वोट डालने गए थे। तभी किसी ने उन्हें सूचना दी कि उनके खेत में पड़ी गेहूं की फसल में तार टूटने से आग लग गई है। जानकारी होने पर वह खेत पर पहुंचे। फसल धू-धू कर जल रही थी। ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक फसल पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। पीड़ित ने बताया कि बेटियों की शादी की वजह से वह फसल को घर पर नहीं ला सके थे। सोचा था बेटियों की शादी के बाद दो बीघा गेहूं की फसल को घर ले आऊंगा। लेकिन उससे पहले ही पूरी फसल जलकर राख हो गई।

Posted By: Jagran

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