बाबा नीब करौरी का 53 वां महापरिनिर्वाण दिवस, फिरोजाबाद में जन्मस्थली पर हुआ सुंदर कांड
बाबा नीब करौरी महाराज का 53वां महापरिनिर्वाण दिवस उनकी जन्मस्थली अकबरपुर, फिरोजाबाद में श्रद्धापूर्वक मनाया गया, जहां सुंदरकांड पाठ और ...और पढ़ें

टूंडला के अकबरपुर में बाबा नीब करौरी की प्रतिमा और आश्रम।
संवाद सूत्र, टूंडला (फिरोजाबाद)। बाबा नीब करौरी महाराज का 53 वां महापरिनिर्वाण दिवस शुक्रवार को उनकी जन्म स्थली अकबरपुर में शुक्रवार को श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर सुबह से शाम तक अनेक आयोजन होंगे।
बाबा नीब करौरी के पौत्र डा. धनंजय शर्मा ने बताया कि वृंदावन में शरीर त्यागने से पहले बाबा आगरा में अपने शिष्य जगमोहन शर्मा के घर आए थे। वहां से उन्होंने अपने छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा को बुलाया और रात की ट्रेन से काठगोदाम के लिए निकले। मथुरा जंक्शन पर बाबा ट्रेन से उतर आए और टैक्सी मंगवा कर वृंदावन आश्रम पहुंचे।
वहां कुटिया में विश्राम करते हुए उन्होंने देह त्यागने का संकेत दे दिया था। इसके बाद 11 सितंबर 1973 को उन्होंने अपना नश्वर शरीर त्याग दिया। शरीर छोड़ते समय आश्रम में केवल उनके छोटे बेटे थे, जिसके बाद आगरा से उनकी पत्नी रामबेटी शर्मा और अन्य स्वजन वृंदावन पहुंचे थे।
मंदिर के महंत अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि श़ुक्रवार सुबह आठ बजे बाबा का अभिषेक हुआ। साढ़े नौ बजे से सुंदर कांड पाठ और फिर महाप्रसादी भोग लगाया गया। शाम सात बजे आरती होगी।
तीन दिवसीय स्पेशल टूर पैकेज शुरू
प्रदेश सरकार बाबा की जन्मस्थली को गांव पर्यटन और आध्यात्मिक नीब करौरी बाबा सर्किट के रूप में विकसित कर रही है। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर पर्यटन विभाग द्वारा बाबा के जीवन से जुड़े स्थलों के दर्शन के लिए 50 प्रतिशत तक विशेष छूट के साथ तीन दिवसीय टूर पैकेज की शुरुआत की है।
पर्यटन विभाग द्वारा अकबरपुर में 865.98 लाख रुपये की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो गया है। आधुनिक एग्जीबिशन हाल, मल्टीपर्पज हाल और सांस्कृतिक ब्लाक भी बनाया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 1.77 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा विजिट माई स्टेट अभियान के तहत 25 से 27 सितंबर तक तीन दिवसीय विशेष टूर पैकेज की शुरुआत की गई है।
यह यात्रा लखनऊ से शुरू होकर श्रद्धालुओं को फर्रुखाबाद (नीब करौरी बाबा आश्रम व संकिसा बौद्ध स्थल), दूसरे दिन फिरोजाबाद स्थित जन्मस्थली अकबरपुर गांव और अंत में मथुरा व वृंदावन धाम के दर्शन कराएगी।
ये है बाबा का परिवार
बाबा नीब करौरी का वास्तविक नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा और उनकी पत्नी का नाम रामबेटी शर्मा था। बड़े बेटे अनेक सिंह शर्मा, छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा और बेटी गिरिजा शर्मा है। पौत्र डा. धनंजय शर्मा और शशि शर्मा, सुनीला, अर्चना, वंदना, भावना, रितु और रिचा शर्मा पौत्रियां हैं।
बेटी गिरिजा शर्मा का विवाह आगरा में जगदीश भटेले से हुआ, जिनके पुत्र संदीप भटेले हैं। वर्तमान में नीब करौरी महाराज ट्रस्ट की अध्यक्ष उनकी बेटी गिरिजा भटेले हैं। बाबा की धर्मपत्नी और दोनों बेटों का निधन हो चुका है।
