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त्योहार से पहले फिरोजाबाद के कांच-चूड़ी उद्योग को गेल गैस का झटका, नेचुरल गैस 40% महंगी

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:15 PM (IST)

गेल गैस लि. ने फिरोजाबाद के ताज संरक्षित क्षेत्र में कांच व चूड़ी उद्योग को बड़ा झटका दिया है, त्योहार ...और पढ़ें

चूड़ी कारखाने में काम करते श्रमिक : जागरण आर्काइव

चूड़ी कारखाने में काम करते श्रमिक : जागरण आर्काइव

HighLights

  1. गेल गैस ने फिरोजाबाद के कांच उद्योग को झटका दिया।

  2. प्राकृतिक गैस की दरों में 5.66 रुपये प्रति घनमीटर वृद्धि।

  3. तीन माह में गैस 40 प्रतिशत तक महंगी हुई।

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। त्योहार से पहले गेल गैस लि. ने ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) में संचालित कांच व चूड़ी उद्योग को बड़ा झटका दिया है। गुरुवार को देर शाम उद्यमियों को 15 दिन की खपत के आधार पर 51.35 रुपये प्रति घनमीटर के हिसाब से नए बिल भेजे गए। गैस की दरों में 5.66 रुपये की अप्रत्याशित वृद्धि होने से उद्यमियों में खलबली मच गई है।

तीन माह में नेचुरल गैस 40 प्रतिशत तक महंगे हो चुकी है, उत्पादन भी महंगा होने से इकाइयों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है।

गेल गैस लि. ने 51.365 प्रति घनमीटर के हिसाब से भेजे बिल

राजा का ताल से लेकर मक्खनपुर तक नेचुरल गैस से 200 कांच व चूड़ी इकाइयां संचालित हैं। इनमें प्रतिदिन 15 लाख घनमीटर नेचुरल गैस खर्च होती है। गेल गैस लि. द्वारा 15 दिन की खपत के आधार पर उद्यमियों को बिल उपलब्ध कराए जाते हैं। मार्च में अमेरिका, इजराइल के बीच युद्ध शुरू होने के साथ गैस के कोटा में कटौती किए जाने से कई कारखानों में चूड़ी उत्पादन ठप हो गया। कांच इकाइयों में भी 40 प्रतिशत तक उत्पादन घट गया था। गैस कोटा बहाल होने के बाद गेल गैस लि. द्वारा नेचुरल गैस की दरों में निरंतर वृद्धि की जा रही है।

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लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष हेमंत अग्रवाल च्वाइस का कहना है कि मार्च में नेचुरल गैस के बिल 30-32 रुपये प्रति घनमीटर तक आते थे। सितंबर के दूसरे पखवाड़े तक दरें 51.35 रुपये प्रति घनमीटर तक पहुंच गई है। पिछले पखवाड़े में 45.69 रुपये प्रति घनमीटर के हिसाब से बिल भेजे गए। अब फिर से वृद्धि कर दी गई। यह कांच उद्योग के हित में नहीं है।

गेल गैस लि. द्वारा छह माह से नेचुरल गैस की दरों में निरंतर वृद्धि की जा रही है। निर्यातकों द्वारा पहले जो आर्डर लिए जा चुके हैं, गैस महंगी होने के कारण उनकी लागत भी बढ़ चुकी है, लेकिन कोई कारोबारी दरों में वृद्धि करने के लिए तैयार नहीं है। इससे निर्यात कारोबार बंदी के कगार पर पहुंच जाएगा।

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राजेंद्र गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ग्लास मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्ट एसोसिएशन

नेचुरल गैस की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि होने से उद्यमियों में खलबली मची हुई है। इससे चूड़ी कारखानों में उत्पादन करना मुश्किल हो जाएगा। त्योहार से पहले गैस की दरों में लगातार वृद्धि करना गलत है। गेल को कांच और चूड़ी उद्योग हित में इसमें कमी करने पर विचार करना चाहिए।

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बिन्नी मित्तल, अध्यक्ष औद्योगिक आस्थान सहकारी समिति