जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: सफाई कर्मचारियों की फर्जी हाजिरी के नाम पर चल रहे गोलमाल के मामले में जोनल सेनेटरी ऑफीसर (जेडएसओ) फंस गए हैं। मामला सामने आने के बाद नगरायुक्त ने रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके बाद शासन ने नगर निगम में तैनात जेडएसओ के खिलाफ जांच बिठा दी है।

नगर निगम द्वारा सुभाष तिराहा, स्टेशन रोड, सदर बाजार, जलेसर रोड सहित प्रमुख मार्गों पर रात में सफाई कराई जाती है। रात्रिकालीन सफाई के लिए 36 कर्मचारियों की टीम बनी है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से टीम में शामिल कर्मचारी आए दिन गायब हो जाते हैं, जबकि उनकी शत-प्रतिशत हाजिरी सत्यापित हो रही थी। यही हाल नाला गैंग में शामिल कर्मचारियों की थी। पार्षद व जनता की शिकायत पर नगर आयुक्त विजय कुमार द्वारा औचक निरीक्षण किया गया तो कई कर्मचारी गायब मिले थे। जोनल सेनेटरी ऑफीसर (जेडएसओ) से जवाब-तलब किया गया तो उनके द्वारा गलत रिपोर्ट दी गई। इस मामले में नगर आयुक्त ने जेडएसओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की थी। निदेशक डॉ. काजल ने नगर आयुक्त की संस्तुति पर जेडएसओ के खिलाफ जांच शुरू करा दी है। उन्होंने संयुक्त निदेशक पशु चिकित्सा एवं कल्याण डॉ. अरविद कुमार राव को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है। उन्हें एक माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जेडएसओ के खिलाफ जांच बिठाए जाने के संबंध में शासन से पत्र आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधिकारी, कर्मचारियों में खलबली मची है।

Posted By: Jagran

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