डॉ.राहुल सिघई, फीरोजाबाद: सुहागनगरी के लिए सौगात माना जा रहा मेडिकल कॉलेज बीस ठेकेदारों के लिए बर्बादी का सबब बनने के कगार पर पहुंच गया है। दिवालिया होकर भागी नागपुर की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर आठ करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है। वहीं, इस भुगतान को लेकर निर्माणदायी संस्था ने हाथ खड़े कर दिए हैं। लाखों के कर्ज में डूब चुके ठेकेदारों को कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। उधारी न चुका पाने के कारण बकायेदार अब इन ठेकेदारों को धमकियां दे रहे हैं।

फीरोजाबाद में वर्ष 2015 में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा हुई थी। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जलेसर रोड पर शिलान्यास किया था। निर्माणदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के जरिए नागपुर की कंस्ट्रक्शन कंपनी सुनील हाईटेक ने 105 करोड़ रुपये में ठेका लिया था। कंपनी के मैनेजर और अधिकारियों ने शहर और बाहर के सप्लायर्स के जरिए सामान लेकर काम शुरू किया। सितंबर 2018 आते-आते कंपनी की आर्थिक हालत बिगड़ने लगी। 14 मार्च 2019 को कंपनी ने सात करोड़ का भुगतान लिया और इसके बाद खुद को दिवालिया घोषित कर दिया। इससे मजदूर, भवन सामग्री आदि की आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों का लगभग आठ करोड़ रुपये का भुगतान अटक गया। स्थिति यह है कि किसी का तीस लाख का भुगतान अटका है तो किसी का 25 लाख रुपये का। बर्बाद हो चुके ठेकेदारों ने प्रशासन से लेकर लखनऊ तक का दरवाजा खटखटाया। उन्हें अभी तक राहत नहीं मिली है। अब पांच दिनों से ठेकेदार भूख हड़ताल पर हैं।

Posted By: Jagran

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