फिरोजाबाद, जागरण टीम। स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र द्वारा हास्टल के कमरे में फंदा कसकर आत्महत्या करने के मामले में प्राचार्य सहित पांच पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस घटना के चलते शनिवार की दोपहर से रात तक विरोध, प्रदर्शन हुआ था।

एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओंं में नारखी थाने में प्राथमिकी

मेडिकल छात्र शैलेंद्र के आत्महत्या करने के मामले में उसके पिता उदय सिंह ने मेडिकल कालेज की प्रिंसिपल डा. संगीता अनेजा, परीक्षा नियंत्रक डा. गौरव सिंह, वार्डन मुनीष खन्ना, एसटीओ डा. नौशाद हुसैन और क्लर्क आयुष जैन के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत कई धाराओंं में नारखी थाने में प्राथमिकी लिखवाई है। आरोप है कि आरोपितों ने छात्र शैलेंद्र को परीक्षा में नहीं बैठने देने की धमकी दी थी। इससे आहत होकर उसने खुदकुशी कर ली। इंस्पेक्टर नारखी प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी लिख कर कार्रवाई की जा रही है।

एमबीबीएस छात्र ने हास्टल में कसा था फंदा

स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ने हास्टल के कमरे में बेल्ट से फंदा कसकर आत्महत्या कर ली। शहर के कौशल्या नगर निवासी चूड़ी जुड़ाई मजदूर उदय शंखवार का बेटा शैलेंद्र शंखवार एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र था। वह जलेसर रोड स्थित मेडिकल कालेज परिसर में बने हास्टल के कमरा नंबर 215 में रहता था। 29 नवंबर से प्रथम वर्ष के पेपर शुरू हुए थे। शनिवार को चौथा पेपर सुबह दस बजे से था।

रूम पार्टनर से कहने के बाद पेपर देने नहीं पहुंचा

शैलेंद्र के रूम पार्टनर छात्र गुलाब निवासी गाजीपुर ने बताया कि सुबह वह पेपर देने निकला तो शैलेंद्र ने कह दिया कि तुम चले मैं थोड़ी देर में आता हूं। इसके बाद वह पेपर देने नहीं पहुंचा। दोपहर एक बजे तक जब गुलाब लौटा तो कमरा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद अंदर से कोई आवाज नहीं आई। अनहोनी की आशंका की सूचना पर उप प्राचार्य डा. तुहीन वशिष्ठ व स्टाफ के सदस्य पहुंचे और दरवाजा तोड़ा गया। कमरे में शैलेंद्र बेल्ट से लगाए गए फंदे से लटका था। आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर सरकारी ट्रामा सेंटर लाया गया और उपचार शुरू किया। थोड़ी देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

शासन ने बिठाई जांच, कमेटी गठित

छात्र द्वारा खुदकुशी के मामले में पुलिस तो अपनी कार्रवाई कर ही रही है। शासन ने भी टीम गठित कर दी है। इस संबंध में आदेश आ गया है। उम्मीद है कि एक सप्ताह में कमेटी की जांच रिपोर्ट आ जाएगी। -रवि रंजन, डीएम

पैनल से कराया गया पोस्टमार्टम, तैनात रहा फोर्स

छात्र शैलेंद्र के शव का रात में दो डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। इस दौरान पोस्टमार्टम गृह के बाहर कई थानों का फोर्स तैनात रहा। मेडिकल स्टूडेंट भी काफी संख्या में उपस्थित थे।

फंदे पर लटके छात्र को लाने के लिए नहीं मिली एम्बुलेंस

शहर से लगभग पांच किमी दूर स्थित स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज के छात्र की आत्महत्या को लेकर मेडिकल कालेज प्रशासन सवालों के घेरे में है। फंदे से उतारे गए छात्र को अस्पताल तक लाने के लिए कालेज अधिकारियों ने एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई। इसके साथ ही अन्य छात्र-छात्राओं को रोकने के लिए सारे गेट बंद करवा दिए। हंगामा करते हुए छात्र कार से साथी को लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में छात्र की मौत की पुष्टि के बाद उपप्राचार्य और वार्डन भाग गए।

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जिले में 2018 में स्थापित स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज जलेसर रोड पर शहर से पांच किमी दूर है। दोपहर एक बजे हास्टल के कमरा नंबर 215 में प्रथम वर्ष के छात्र ने फंदा कस लिया। दरवाजा तोड़कर छात्र को फंदे से उतारा गया। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि इसके बाद उप प्राचार्य और वार्डन समेत अन्य भाग गए। उन्होंने एंबुलेंस मंगाने को कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद छात्र उसे कार में डालकर निकले। अन्य छात्र-छात्राओं को रोकने के लिए सारे गेट बंद करवा दिए गए। इसके बाद हंगामा शुरू हुआ तब गार्ड ने गेट खोले।

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दो घंटे बाद पहुंचे उप प्राचार्य और वार्डन..

लगभग दो घंटे तक हंगामा कर रहे छात्र-छात्राएं डीएम और प्राचार्या को बुलाने की मांग करते रहे। बाद में बताया गया कि प्राचार्या डा.संगीता अनेजा अवकाश पर चल रही हैं। सदर विधायक और एसपी सिटी के दखल के बाद उप प्राचार्य डा.तुहीन वशिष्ठ और वार्डन डा.श्रुति, वार्डन मुनेश खन्ना छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचे। ‘एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। सूचना पर मैं खुद हास्टल पहुंचा था। अस्पताल में छात्र को सीपीआर व अन्य जीवन रक्षक उपचार दिए गए, लेकिन वह बच नहीं सका। छात्र-छात्राओं के आरोपों की जांच कराई जाएगी।’ डा.तुहीन वशिष्ठ, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कालेज 

Edited By: Abhishek Saxena

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