फीरोजाबाद, जेएनएन। तेरह सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर लेखपालों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालयों पर हुंकार भरी। सभी मांगें जल्द से जल्द पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। शाम को मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

सदर तहसील में धरना तहसील अध्यक्ष नेपाल सिंह की अध्यक्षता में दिया गया। यहां लेखपालों ने कहा कि वे 24 घंटे सरकारी कार्य में लगे रहते हैं। इसके बाद भी सरकार उनकी जायज मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाती। इस कारण बार-बार धरना, प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होना पड़ता है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय कुमार ने संचालन किया। शिकोहाबाद में तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार यादव के नेतृत्व में धरना शुरू हुआ। वक्ताओं ने कहा कि उप्र लेखपाल संघ की मांगों के संबंध में मुख्य सचिव द्वारा 16 जुलाई 2018 व अपर मुख्य सचिव राजस्व के निर्णय नौ जुलाई 2019 के अनुसार शासनादेश जारी न होने से लेखपालों में रोष है। परिषद, शासन एवं सरकार की वादा खिलाफी को लेकर भी नाराजगी जताई। अवनेंद्र प्रताप सिंह, नंदू, अजय, चंद्रभान, अजय, कमलेश, धर्मवीर, विवेक, रजत, आशीष, अनवेल, रामकुमार, सीमा, पूनम और कल्पना आदि मौजूद रहीं। टूंडला में धरना प्रदर्शन कृष्णकांत कठेरिया की अध्यक्षता में किया। मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि वेतन विसंगति, ई-डिस्ट्रक्ट, पेंशन विसंगति, यात्रा भत्ता जैसी समस्याओं को लेकर लेखपाल संघ लंबे समय से आंदोलन कर रहा है। बाद में एसडीएम केपी सिंह तोमर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अविनाश गोस्वामी, विनोदपाल सिंह, राजेश कुमार, विवेक यादव, नीरज कुमार, शीलेंद्र प्रताप, ज्ञानेंद्र सिंह, श्वेता सिंह, निधि सिंह, प्रीती शर्मा, अमन दीक्षित, सचिन वशिष्ठ आदि मौजूद रहे। जसराना धरना के दौरान शिवांश मोहन ने कहा की लेखपाल हित में आदेश जारी न करने पर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। सिरसागंज तहसील में भी धरना दिया गया।

Posted By: Jagran

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