जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: वार्ड सात करबला की पहचान गंदगी और पेयजल संकट है। सड़क पर कूड़ा बिखरा रहता है तो प्लॉटों में गंदगी के ढेर संक्रामक बीमारियों के जनक बने हुए हैं। अक्सर आधी रात के बाद ही पानी आता है। सबमर्सिबल पंप नहीं हों तो लोग बूंद-बूंद पानी को तरस जाएं।

इस वार्ड में करबला के अलावा श्याम नगर, कुंदन महल, नई आबादी और आसपास के इलाके शामिल हैं। वीआइपी स्टेशन रोड से इस मुहल्ले में प्रवेश करने वाले यहां की बदसूरत तस्वीर नजर आती है। यहां सिल्ट से दोनों तरफ की नालियां अटी रहती है और पानी सड़क किनारे फैल रहा था। संजय मांटेसरी स्कूल के सामने यह स्थिति कई दिनों से बनी है। बारिश होने पर आवागमन बाधित हो जाता है। स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं कीचड़ में गिर जाते हैं।

गली नंबर एक से लेकर छह तक पीने के पानी की समस्या है। नलों में पानी भरने के लिए लोगों को आधी रात तक जागना पड़ता है। सबमर्सिबल पंपों से जनता पानी भरती है। नगर निगम के टैंकर पानी की आपूर्ति करते हैं, इसके बाद भी इस संकट का सामना करना पड़ता है।

टॉक- दो साल से पीने के पानी का संकट है। निगम प्रशासन समस्या का स्थाई निदान नहीं करा रहा है। यदि यह समस्या हल हो जाए तो बड़ी राहत मिलेगी। सुभाष-

वार्ड की हालत किसी गांव से कम नहीं है। न प्रशासनिक अफसर सुनवाई कर रहे हैं और न ही नगर निगम प्रशासन। रामश्री-

गंदगी-कीचड़ और पेयजल यहां की प्रमुख समस्याएं हैं। इनकी जानकारी नगर निगम प्रशासन को भी है, इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं कराया जा रहा है। मुन्नी देवी-

नगर निगम प्रशासन ने यहां की बस्तियों को और मलिन बना दिया है। स्थिति नहीं सुधरी तो यहां के लोग आंदोलन करेंगे। भोजराज

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