जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद : सौ शैया महिला अस्पताल के नाम पर प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा हो, मगर यहां पर इंतजाम एक स्वास्थ्य केंद्र जितने ही हैं। यहां पर सिर्फ तीस बेड ही हैं। इससे ज्यादा आने वाले मरीजों को लौटाना पड़ता है। इसकी एक वजह निर्धारित संख्या में डॉक्टर और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ का न होना भी है।

सपा सरकार के दौरान इस भवन का लोकार्पण हो गया था, मगर उपचार शुरू नहीं हो पाया था। जुलाई में एक हादसे के बाद आनन-फानन में यहां पर मरीजो को शिफ्ट कर अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया था। तब से यहां पर संसाधन बढ़ाने की जरूरत नहीं समझी गई।

छह डॉक्टर, दो तो डेढ़ माह से गायब

यहां छह चिकित्सक तैनात हैं। इनमें से दो तो डेढ़ माह से नहीं आ रहीं। सर्जन जैसा महत्वपूर्ण पद भी रिक्त पड़ा है। मई से अब तक एक भी सिजेरियन डिलीवरी नहीं हुई है।

लिफ्ट बंद, सीढि़यां चढ़ती गर्भवती :

अस्पताल में दो लिफ्ट हैं, लेकिन इनमें से एक भी चालू नहीं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को भी यहां सीढि़यां चढ़नी पड़ती है।

-ये है जरूरत--

- 100 बेड

-18 चिकित्सकों की जरूरत

- 53 पैरामेडिकल स्टाफ

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'स्टाफ की तैनाती और अतिरिक्त बेड के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जल्द ही जरूरतें पूर्ण होंगी।'

-डॉ. साधना राठौर

प्रभारी सीएमएस

महिला अस्पताल

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