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जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: मथुरा नगर के सर्विस रोड जाइए या सुहागनगर, पैमेश्वर गेट से होकर गुजरिए या फिर कोटला रोड, हर रास्ता बदहाल है। गंगाजल परियोजना के लिए शहर की सड़कों को खोद डाला, मगर उनकी मरम्मत कराना भूल गए। चार पहिया वाहन इन रास्तों पर फंसते हैं तो दुपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार होते हैं, मगर कार्यदाई संस्था जल निगम के अफसरों को इससे कोई सरोकार नहीं है।

जल निगम द्वारा गंगाजल परियोजना तहत शहर में स्थापित पंपिग स्टेशनों तक पाइप लाइनें बिछाई गईं। हर मुहल्ले में गंगाजल पहुंचाने के लिए तेजी से काम चला और सड़कें खोद दी गईं। कई सड़कें तो ऐसीं थी, जो कुछ महीने पहले ही बनी थीं। पाइप लाइन डालने के बाद ठेकेदारों ने मिट्टी भर दी और आगे चल दिए। स्थिति यह है कि लगभग तीन महीने से तीन दर्जन मुहल्लों की सड़कें खुदी पड़ी हैं। लोगों को गंगाजल मुहैया होने लगा है, लेकिन जलनिगम के ठेकेदारों ने सड़कों की मरम्मत नहीं कराई है। नगर आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि इस संबंध में जलनिगम को पत्र लिखा गया है। अगर ठेकेदारों ने निर्माण शुरू नहीं कराया तो कार्रवाई की जाएगी। यहां निकलना है मुश्किल

खोदाई के कारण सब्जी मंडी़ के समीप से पैमेश्वर गेट, मुहल्ला कोटला, सुहाग नगर, बौद्ध आश्रम से कोटला चुंगी, मथुरा नगर सर्विस रोड से रामबाबू मैरिज होम तक, हाजीपुरा, रहना, नगला विश्नू, लालपुर, कन्हैया नगर, मायापुरी, रामलीला मैदान स्थित हनुमान जलाशय से चौकी गेट से निकलना मुश्किल बना हुआ है। तीन माह पूर्व सड़क खोदकर गंगाजल के लिए पाइप लाइन डाली गई थी। कुछ गलियों में गंगाजल पहुंचने लगा है, तो कहीं इंतजार करना पड़ रहा है। गड्ढायुक्त सड़क पर वाहन तो क्या पैदल चलना दुश्वार है।

विजय सोनी, मथुरा नगर

फोटो-20 खोदाई के दौरान कर्मचारियों ने आश्वासन दिया कि बहुत जल्द ही गंगाजल मिलने के साथ सड़क की मरम्मत हो जाएगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका। बच्चे, बुजुर्ग गड्ढों में गिरकर चुटैल हो जाते हैं।

जयप्रकाश सक्सेना, मथुरा नगर

फोटो-21 दो माह पूर्व बौद्धाश्रम से लेकर नगला बरी चौराहे तक सर्विस रोड खोदकर डाल दी है। अभी तक न तो गंगाजल मिल सका और रोड की भी मरम्त नहीं हो सकी। गड्ढायुक्त सिर्विस रोड दुर्घटनाओं को न्यौता देता है।

महेंद्र, बौद्धाश्रम

फोटो- 23

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कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों ने निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई। जब कभी रात में निकला पड़े तो अंधेरे में दुर्घटना होने का भय सताता रहता है।

आभाकर दीक्षित, तिलक नगर

फोटो- 24

Posted By: Jagran

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